अब डॉक्टर की पर्ची पर ही मिलेगी कफ सिरप

बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री पर रोक

अमरावती/दि.2– सर्दी-खांसी होने पर मेडिकल स्टोर से सीधे कफ सिरप खरीदने की आदत अब बदलनी होगी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के बाद कफ सिरप सहित कई तरल (लिक्विड) दवाओं की बिक्री अब केवल डॉक्टर के वैध प्रिस्क्रिप्शन पर ही की जा सकेगी. यह नियम शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के मेडिकल स्टोर पर भी लागू होगा.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस निर्णय का उद्देश्य कफ सिरप और अन्य दवाओं के दुरुपयोग तथा नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाना है. कई कफ सिरप में ऐसे तत्व होते हैं जिनका गलत तरीके से सेवन करने पर लत लग सकती है और गंभीर दुष्प्रभाव, यहां तक कि जान का भी खतरा हो सकता है. नई व्यवस्था के तहत दवा विक्रेताओं को बिना डॉक्टर की पर्ची के कफ सिरप नहीं बेचने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, उन्हें प्रिस्क्रिप्शन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा और नियमों का सख्ती से पालन करना होगा. विशेषज्ञों का कहना है कि हर मरीज में खांसी का कारण अलग होता है। बिना जांच और चिकित्सकीय सलाह के कफ सिरप लेना नुकसानदायक हो सकता है. कुछ सिरप से अत्यधिक नींद आना, सांस लेने में परेशानी या अन्य दवाओं के साथ प्रतिकूल प्रतिक्रिया होने का खतरा रहता है. हालांकि, सामान्य खांसी की कुछ टैबलेट पहले की तरह उपलब्ध रहेंगी और उनके लिए डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन की अनिवार्यता नहीं होगी. फिर भी उनका उपयोग फार्मासिस्ट या चिकित्सक की सलाह से ही करने की सलाह दी गई है.
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है तथा नियमित निरीक्षण अभियान भी चलाए जाएंगे. सहायक आयुक्त (औषधि) अनिल माणिकराव ने कहा कि दवाओं का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करने, उनके दुरुपयोग को रोकने और मरीजों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए इन दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू किया जाएगा.

 

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