एक और विधायक शिंदे की शिवसेना के साथ, राज्य में शिंदे की ताकत बढी

निर्दलीय शिक्षक विधायक किरण सरनाईक ने शिंदे सेना को दिया समर्थन

* अमरावती संभाग से शिक्षक विधायक है किरण सरनाईक
* सरनाईक व्दारा शिंदेसेना का सहयोगी सदस्यत्व स्वीकारा गया
* पश्चिम विदर्भ सहित राज्य में राजनीतिक समीकरण बदलने की पूरी संभावना
मुंबई/अमरावती/दि.2.-महाराष्ट्र की राजनीति में जारी दल-बदल और राजनीतिक पुनर्संरचना के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को एक और बड़ा राजनीतिक बल मिला है. अमरावती विभाग के निर्दलीय शिक्षक विधायक किरण सरनाईक ने आधिकारिक रूप से शिंदे गुट को समर्थन देते हुए पार्टी की सहयोगी सदस्यता स्वीकार कर ली है. राजनीतिक जानकार इसे पश्चिम विदर्भ की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम मान रहे हैं, जिसका असर आगा   मी राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है. हाल के दिनों में शिवसेना (शिंदे गुट) लगातार अपने कुनबे का विस्तार कर रही है. कुछ दिन पहले ही ठाकरे गुट के छह पूर्व सांसदों और विधान परिषद सदस्य सचिन अहिर के शिंदे गुट में शामिल होने की चर्चा जोरों पर थी. अब शिक्षक विधायक किरण सरनाईक के समर्थन से शिंदे गुट को एक और महत्वपूर्ण बढ़त मिली है.
एक विशेष कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किरण सरनाईक का स्वागत करते हुए कहा कि शिवसेना में लगातार जनप्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रभावशाली लोगों का विश्वास बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह छह पूर्व सांसदों ने पार्टी का दामन थामा था, उसके बाद सचिन अहिर साथ आए और अब शिक्षक विधायक किरण सरनाईक सहयोगी सदस्य के रूप में पार्टी के साथ काम करेंगे. शिंदे ने विश्वास जताया कि उनके अनुभव और जनसंपर्क का लाभ संगठन को मिलेगा.
* शिक्षक हितों के लिए मिला भरोसा : सरनाईक
शिवसेना को समर्थन देने के बाद किरण सरनाईक ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उन्हें सम्मानपूर्वक स्थान दिया है और शिक्षक समुदाय तथा मतदारसंघ के विकास कार्यों के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है. सरनाईक ने अपने समर्थकों और शिक्षक प्रतिनिधियों का भी आभार व्यक्त किया.
* पश्चिम विदर्भ में बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण
किरण सरनाईक अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपक्ष उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए थे और शिक्षक तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं. उनकी पहचान शिक्षक वर्ग के प्रभावशाली प्रतिनिधि के रूप में है. ऐसे में उनका शिंदे गुट के साथ जाना पश्चिम विदर्भ में शिवसेना की पकड़ मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षक और पदवीधर मतदाताओं के बीच सरनाईक का प्रभाव है. उनके समर्थन से शिवसेना को न केवल संगठनात्मक मजबूती मिलेगी बल्कि शिक्षक समुदाय में भी अपनी पहुंच बढ़ाने का अवसर मिलेगा.
* विपक्ष के लिए बढ़ी चिंता
राज्य में लगातार हो रहे राजनीतिक प्रवेश और समर्थन के कारण विपक्षी दलों की चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है. पहले छह पूर्व सांसदों का शिवसेना में जाना और फिर सचिन अहिर तथा अब किरण सरनाईक का समर्थन, विपक्ष के लिए लगातार झटकों के रूप में देखा जा रहा है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में कुछ और नेताओं के भी सत्ताधारी गठबंधन की ओर रुख करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. किरण सरनाईक के इस फैसले के बाद पश्चिम विदर्भ की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस राजनीतिक कदम का असर आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और शिक्षक राजनीति पर किस रूप में दिखाई देता है.

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