संतरा, मौसंबी, नींबू और सीताफल उत्पादक किसानों को राहत
फल फसल बीमा योजना 2026

* आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी
अमरावती /दि.4– राज्य सरकार की पुनर्गठित मौसम आधारित फल फसल बीमा योजना 2026-27 (मृग बहार) के तहत अमरावती जिले में संतरा, मौसंबी, नींबू और सीताफल उत्पादक किसानों को बड़ी राहत दी गई है. कृषि विभाग ने योजना में शामिल होने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है.
नए कार्यक्रम के अनुसार, संतरा, मौसंबी और नींबू फसलों के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि अब 14 जुलाई कर दी गई है, जबकि सीताफल के लिए किसान 31 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे. योजना का उद्देश्य प्रतिकूल मौसम से होने वाले आर्थिक नुकसान से किसानों को सुरक्षा प्रदान करना है. योजना का लाभ लेने के लिए किसानों के पास एग्रीस्टैक के तहत किसान पहचान पत्र होना तथा ई-पीक पाहणी पोर्टल पर फसल का पंजीकरण अनिवार्य है. पंजीकरण में किसी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है. केवल उत्पादनक्षम बागों को ही योजना का लाभ मिलेगा. इसके लिए संतरा, मौसंबी और सीताफल के बागों की न्यूनतम आयु 3 वर्ष तथा नींबू के बागों की 4 वर्ष निर्धारित की गई है. प्रति किसान न्यूनतम 20 गुंठा और अधिकतम 4 हेक्टेयर क्षेत्र तक बीमा कराया जा सकेगा.
बीमा सुरक्षा के तहत संतरा और मौसंबी के लिए प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये (किसान अंशदान 5 हजार रुपये), नींबू के लिए 80 हजार रुपये (किसान अंशदान 4 हजार रुपये) तथा सीताफल के लिए 70 हजार रुपये (किसान अंशदान 3 हजार 500 रुपये) का बीमा कवर निर्धारित किया गया है. अमरावती जिले में इस योजना का संचालन इफ्को टोकियो जनरल इन्श्योरंस कंपनी द्वारा किया जा रहा है. मौसम से नुकसान होने पर मुआवजे की राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में जमा की जाएगी. कृषि विभाग ने जिले के सभी ऋणी और गैर-ऋणी किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी निकटतम बैंक शाखा या आपले सरकार सेवा केंद्र के माध्यम से योजना में शामिल होकर बीमा सुरक्षा का लाभ उठाएं.





