अब छह सेवाओं के लिए पूरे राज्य में एक ही यूनिक फॉर्मेट
प्रमाणपत्र सिस्टम में बदलाव

* क्यूआर कोड और आधार ऑथेंटिकेशन से होगी जांच
* ‘आपले सरकार’ पोर्टल पर मिलेगी डिजिटल कॉपी
अमरावती/दि.3– राज्य के राजस्व विभाग ने नागरिक सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. अब अलग-अलग जिलों में अलग-अलग प्रारूप में जारी होने वाले प्रमाणपत्रों की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है. पूरे राज्य में छह प्रमुख सेवाओं के लिए एक समान यूनिक फॉर्मेट लागू किया गया है. इससे विद्यार्थियों, नौकरी के आवेदकों और आम नागरिकों को प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और तेज होगी.
नई व्यवस्था के तहत प्रमाणपत्रों को आधार ऑथेंटिकेशन से जोड़ा गया है. प्रत्येक प्रमाणपत्र पर बारकोड और क्यूआर कोड रहेगा, जिससे उसकी वास्तविकता की जांच कहीं भी आसानी से की जा सकेगी. इससे फर्जी प्रमाणपत्रों पर भी प्रभावी रोक लगेगी. पहले अलग-अलग जिलों में आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों का प्रारूप अलग-अलग होने से नागरिकों को परेशानी होती थी. अब पूरे राज्य में एक जैसी प्रक्रिया लागू होने से आवेदन करना आसान होगा और दस्तावेजों में असमानता की समस्या भी खत्म होगी. राजस्व विभाग की सभी सेवाएं ‘आपले सरकार’ पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं. नागरिक घर बैठे या नजदीकी सेतु केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे तथा प्रमाणपत्रों की डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त (डिजिटली साइन) प्रति भी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे.
राजस्व विभाग ने ‘गवर्नेंस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग’ परियोजना के तहत कई सेवाओं में फील्ड वेरिफिकेशन की अनिवार्यता समाप्त कर दी है. अब सेल्फ-डिक्लेरेशन आधारित प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे राजस्व कर्मचारियों पर कार्यभार कम होगा और सेवाओं का निपटारा तेजी से हो सकेगा. आवेदन फॉर्म को भी पहले की तुलना में काफी सरल बनाया गया है. अनावश्यक कॉलम हटाए जाने से आवेदन भरने में लगने वाला समय लगभग आधा रह जाएगा और त्रुटियों की संभावना भी कम होगी. इससे नागरिकों का समय और खर्च दोनों बचेंगे तथा सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत भी कम होगी.
* किन छह सेवाओं के लिए लागू होगा यूनिक फॉर्मेट?
शपथपत्र (एफिडेविट), आयु, राष्ट्रीयता एवं निवास प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, भूमिहीन कृषि मजदूर प्रमाणपत्र, (राजस्व विभाग की अधिसूचना के अनुसार छठी अधिसूचित सेवा).





