अब शनिवार होगा ‘इन्फॉर्मेशन डे’, पढ़ाई के लिए मिलेगा ज्यादा समय
शिक्षकों को राहत

* रोज सिर्फ तीन जरूरी रिपोर्ट, बाकी सभी सूचनाएं सप्ताह में एक दिन देनी होंगी
* गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ होगा कम
अमरावती/दि.3– राज्य सरकार ने शिक्षकों पर बढ़ते गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ कम करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है. अब स्कूलों में शनिवार को ‘इन्फॉर्मेशन डे’ के रूप में निर्धारित किया गया है. इस दिन ही राज्य, संभाग, जिला, तहसील और केंद्र स्तर से मांगी जाने वाली अधिकांश रिपोर्ट और सूचनाएं एक साथ जमा की जाएंगी. इससे शिक्षकों को सोमवार से शुक्रवार तक शिक्षण कार्य के लिए अधिक समय मिल सकेगा. अब शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को प्रतिदिन केवल तीन आवश्यक जानकारियां ही दर्ज करनी होंगी. इनमें तडघ पोर्टल पर विद्यार्थियों की उपस्थिति, पीएम पोषण (मिड-डे मील) पोर्टल पर विद्यार्थियों की संख्या तथा छात्र सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी शामिल है. इसके अलावा अन्य प्रशासनिक और गैर-शैक्षणिक सूचनाएं सप्ताह में केवल एक बार शनिवार को भेजनी होंगी.
अब तक शिक्षकों को जनगणना, विभिन्न सरकारी अभियानों, सर्वेक्षणों, स्वच्छता अभियान, मिड-डे मील और कई अन्य योजनाओं से जुड़ी जानकारी अलग-अलग पोर्टलों और ऐप्स पर लगातार भरनी पड़ती थी. इससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा था और विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा था. नई व्यवस्था से अमरावती जिले के 5 हजार से अधिक शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है. सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार शिक्षकों के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कार्यों का वर्गीकरण किया है. साथ ही यू-डाइस और सरल जैसी प्रणालियों को एकीकृत कर एक ही पोर्टल पर जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है.
सेंटर हेड किरण पाटिल के अनुसार, पहले कई बार तत्काल जानकारी उपलब्ध कराने के कारण शिक्षण कार्य बाधित होता था. अब शनिवार को एक साथ रिपोर्ट देने की व्यवस्था से स्कूलों का प्रशासनिक काम आसान होगा और पढ़ाई के लिए अधिक समय मिलेगा. शिक्षक राजेश सावरकर का कहना है कि सोमवार से शुक्रवार तक केवल शिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा, जबकि प्रशासनिक और गैर-शैक्षणिक जानकारी सप्ताह में एक बार शनिवार को भेजी जाएगी. इससे शिक्षकों का तनाव कम होगा और विद्यार्थियों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा.





