कर्जमाफी मिलने तक किसानों के बकाया फसल ऋण पर नहीं लगेगा ब्याज

सरकार ने बैंकों को दिए निर्देश

नागपुर/दि.3. महाराष्ट्र सरकार ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर किसान ऋणमुक्ति योजना-2026 के तहत पात्र किसानों को बड़ी राहत देते हुए आदेश जारी किया है कि कर्जमाफी की राशि खाते में जमा होने तक उनके बकाया फसल ऋण पर कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं लगाया जाएगा. इस निर्णय से राज्य के 56 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है.
सहकार, विपणन एवं वस्त्रोद्योग विभाग द्वारा जारी शासन निर्णय के अनुसार, कर्जमाफी की घोषणा और बजटीय प्रावधान किए जाने के बावजूद लाभार्थियों के खातों में राशि जमा होने की प्रक्रिया में कुछ समय लगेगा. ऐसे में किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों और विभिन्न कार्यकारी सहकारी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं.
* दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी
सरकार ने 2 जून 2026 को मंजूर की गई योजना के तहत 30 सितंबर 2025 तक बकाया तथा 31 मार्च 2026 तक चुकता न किए गए पात्र अल्पकालीन फसल ऋणों पर अधिकतम दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी देने का निर्णय लिया है.
दो लाख रुपये से अधिक बकाया रखने वाले किसानों को अतिरिक्त राशि जमा करने के बाद वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना के तहत दो लाख रुपये तक का लाभ मिलेगा. वहीं नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए 50 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि का भी प्रावधान किया गया है.
* पात्र खातों का सत्यापन जारी
योजना के क्रियान्वयन के लिए सरकार ने मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) तैयार की है. जिला सहकारी बैंकों और सहकारी संस्थाओं द्वारा पात्र ऋण खातों की जानकारी ऑनलाइन प्रणाली में अपलोड की जा रही है. इसके बाद खातों का सत्यापन, अपात्र खातों को हटाने, आधार प्रमाणीकरण तथा कर्जमाफी की राशि संबंधित खातों में जमा करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
* 1 अप्रैल 2026 से नहीं लगेगा अतिरिक्त ब्याज
सरकार ने आदेश में कहा है कि कर्जमाफी और ओटीएस योजना के लिए पात्र किसानों की बकाया ऋण राशि पर 1 अप्रैल 2026 से लेकर कर्जमाफी का वास्तविक लाभ खाते में जमा होने तक कोई ब्याज नहीं वसूला जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे किसानों के ऋण का बोझ नहीं बढ़ेगा और कर्जमाफी का लाभ मिलने के बाद उन्हें नया फसल ऋण प्राप्त करने में भी कोई बाधा नहीं आएगी. यह आदेश महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम, 1960 की धारा 79-ए के तहत जारी किया गया है और राज्य की सभी जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों तथा विभिन्न कार्यकारी सहकारी संस्थाओं पर लागू होगा.

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