नागपुर के कुख्यात बदमाश गणेश बोरकर हत्याकांड का खुलासा
पत्नी ने ही दी थी पति की हत्या की सुपारी

* गहने बेचकर जुटाए एक लाख रुपये, बेटियों की सुरक्षा और प्रताड़ना से तंग आकर रची साजिश
नागपुर/दि.4- नागपुर के भांडेवाड़ी क्षेत्र में हुए कुख्यात अपराधी गणेश उर्फ गुरुदेव बोरकर हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि गणेश बोरकर की हत्या किसी गैंगवार या पुराने आपराधिक विवाद का परिणाम नहीं थी, बल्कि उसकी पत्नी ने ही भाड़े के हत्यारों को सुपारी देकर इस वारदात को अंजाम दिलवाया था. आरोप है कि पति की लगातार प्रताड़ना, मारपीट और अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर भयभीत पत्नी ने अपने गहने बेचकर एक लाख रुपये की सुपारी दी थी.
पुलिस के अनुसार गणेश बोरकर इलाके का कुख्यात अपराधी था और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज थे. उसकी आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की थी, लेकिन उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया. लगातार विवाद और प्रताड़ना के कारण उसकी पत्नी मनीषा बोरकर उससे अलग रह रही थी. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गणेश शराब का आदी था और आए दिन मनीषा के साथ मारपीट तथा मानसिक उत्पीड़न करता था. इतना ही नहीं, मनीषा को अपने पहले पति से हुई दो बेटियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता थी. पुलिस के अनुसार मनीषा को आशंका थी कि गणेश की नजर उसकी बेटियों पर भी खराब थी, जिससे वह लगातार भय के साए में जी रही थी.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कुछ समय पहले कन्हान में आयोजित एक पारिवारिक विवाह समारोह में गणेश ने रिश्तेदारों और अन्य लोगों के सामने मनीषा की बेरहमी से पिटाई की थी. इस घटना के बाद मनीषा मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गई और उसने पति से छुटकारा पाने की योजना बनानी शुरू कर दी. पुलिस के अनुसार अपने पति की हत्या कराने के लिए मनीषा ने अपने गहने बेच दिए और उससे प्राप्त रकम में से एक लाख रुपये की सुपारी दी. इस काम के लिए उसने अमन उर्फ नाटो पप्पू कैतवार नामक व्यक्ति से संपर्क किया. सौदे के तहत आधी रकम अग्रिम रूप से दी गई थी.
जांच में सामने आया कि अमन उर्फ नाटो पप्पू कैतवार और उसका साथी अभिजीत उर्फ ददू साखरे कई दिनों से गणेश बोरकर की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे. गुरुवार को जब गणेश भांडेवाड़ी रेलवे स्टेशन के पास पहुंचा, तब आरोपियों ने पहले उसकी आंखों में मिर्च पाउडर फेंका और फिर धारदार हथियारों से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया. गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई. हत्या की सूचना मिलते ही भांडेवाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची. पूछताछ के दौरान मनीषा ने हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार कर ली और पूरी घटना का खुलासा किया.
पुलिस ने इस मामले में मनीषा बोरकर और अभिजीत उर्फ ददू साखरे को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं मुख्य आरोपी अमन उर्फ नाटो पप्पू कैतवार तथा उसका एक अन्य साथी अभी फरार हैं. उनकी तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीमों को लगाया गया है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं. यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसमें एक पत्नी द्वारा कथित रूप से पति की हत्या की सुपारी देने का सनसनीखेज पहलू सामने आया है.





