बोगस सोयाबीन बीज बेचने वाली कंपनी पर कार्रवाई की मांग

राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस का कृषि कार्यालय पर धरना

मोर्शी /दि.6- अमरावती जिले के मोर्शी तहसील में कथित रूप से नकली सोयाबीन बीज बेचने के मामले को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ गया है. राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने सोमवार को मोर्शी तहसील कृषि अधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया और ‘बूस्टर’ कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने तथा प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की.
धरने का नेतृत्व राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस के जिला महासचिव हितेश साबले और तहसील अध्यक्ष रुपेश वालके ने किया. प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कृषि अधिकारियों को मौजा लाडकी, काशीमपुर, खोपड़ा सहित अन्य गांवों के खेतों में ले जाकर फसलों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कराया. किसानों का आरोप है कि उन्होंने कर्ज लेकर बूस्टर कंपनी के ‘हुतूतू’ ब्रांड के सोयाबीन बीज खरीदे और बोए, लेकिन बुवाई के दस दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कई खेतों में बीजों का अंकुरण ही नहीं हुआ. इससे सैकड़ों हेक्टेयर क्षेत्र की फसल प्रभावित हुई है और किसानों के सामने दोबारा बुवाई का संकट खड़ा हो गया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पहले से ही महंगे बीज, उर्वरक, बढ़ती खेती लागत और अनिश्चित बारिश के कारण किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. ऐसे समय में कथित रूप से घटिया गुणवत्ता के बीजों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. किसानों ने तहसील कृषि अधिकारी प्रथमेश माने को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि बूस्टर कंपनी, उसके वितरकों और विक्रेताओं के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए, बीजों की स्वतंत्र प्रयोगशाला से जांच कराई जाए तथा कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए. साथ ही सभी प्रभावित किसानों को तत्काल आर्थिक मुआवजा, दोबारा बुवाई के लिए मुफ्त बीज और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए. राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस के तहसील अध्यक्ष रुपेश वालके ने कहा कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई और किसानों को न्याय नहीं मिला, तो किसानों का बीज व्यवस्था और सरकारी तंत्र पर से विश्वास उठ जाएगा.
जिला महासचिव हितेश साबले ने कहा कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों के खिलाफ स्थायी और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. इस आंदोलन में कार्याध्यक्ष हितेश उंदरे, वैभव कोंडे, सुरेश टेकाड़े, रमेश टेकाड़े, तेजस वड़े, प्रथमेश वानखड़े, अजय वानखड़े, हरीश निशाण, दिनेश वड़े, आकाश साबले, योगेश राऊत, नितीन राऊत, नितीन कोहले, नितीन गावंडे, तुलसीदास टेकाड़े, दिनेश टाके सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे.

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