श्री गोविंदप्रभु मंदिर में आने-जाने के लिए प्रवेशद्वार खुला करे

अध्यक्ष विनय मुनि दर्यापुरकर की मांग, प्रेसवार्ता में दी जानकारी

अमरावती/दि.7 – श्री गोविंदप्रभु मंदिर श्रीक्षेत्र नांदगांव पेठ में आने-जाने के लिए लकडी का प्रवेशद्वार खुला करे, ऐसी मांग श्री गोविंदप्रभु तीर्थस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष विनय मुनि दर्यापुरकर उर्फ विजय हि. नारनवरे ने की. जिसमें उन्होंने श्रमिक पत्रकार भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि, श्रीक्षेत्र नांदगांव पेठ स्थित श्री गोविंदप्रभु तीर्थस्थान 850 वर्ष पूर्व महानुभाव संप्रदाय के जनक सर्वज्ञ श्री चक्रधर स्वामी के परम गुरु श्री गोविंदप्रभु महाराज के पदस्पर्श से पावन हुआ चरणांकित स्थान सारडा के बाडे में है. यहां देश के पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, कश्मीर तथा संपूर्ण महाराष्ट्रभर से भाविक दर्शन के लिए आते है. इस तीर्थस्थान को 21 जनवरी 2021 को इस तीर्थक्षेत्र को ‘क’ वर्ग का दर्जा प्राप्त हुआ है.
इस तीर्थस्थान के लिए कुल 7500 स्क्वेअर फुट जगह नरेश सारडा, एड. सतीश सारडा व नवलकिशोर मालपानी से खरीदी गई है. उससे पूर्व नरेश रामविलास सारडा के लकडी के मुख्य प्रवेशद्वार से भाविक भक्त आना-जाना कर रहे थे. लेकिन 2021 से यह द्वार बंद कर दिया गया. जिसके चलते आने-जानेवाले भाविकों को काफी परेशानी उठानी पड रही है. कानूनन नरेश सारडा से 1816 स्क्वेअर फुट व राजू सारडा से 400+3588 स्क्वेअर फुट जगह खरीदी की थी, परंतु श्री गोविंदप्रभु के मंदिर में आने-जानेवाले मुख्य लकडी के प्रवेशद्वार को बंद कर दिए जाने पर भाविकों को परेशानी हो रही है.
अत: लकडी का प्रवेशद्वार तत्काल शुरु किया जाए, ऐसी मांग श्रमिक पत्रकार भवन में आयोजित प्रेसवार्ता के माध्यम से की गई है. जिसमें बताया गया कि, इस आशय की मांग के निवेदन की प्रतिलिपी जिलाधिकारी अमरावती, जिप मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमरावती, पुलिस आयुक्त अमरावती तथा वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नांदगांव पेठ पुलिस स्टेशन को सौंपी गई है. तीर्थस्थान ट्रस्ट अध्यक्ष विनय मुनि दर्यापुरकर के नेतृत्व में आयोजित प्रेस वार्ता में उपाध्यक्ष गोवर्धन मुनि दर्यापुरकर, सचिव उद्धव मुनि दर्यापुरकर उर्फ उद्धव किसन आमले तथा सदस्य प्रभाकर गायकवाड, गणेश खसारे, सुहास पेचे, संगीता पोकले उपस्थित थे.

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