प्रज्ञाचक्षु संत गुलाबराव महाराज जयंती उत्साहपूर्वक मनाई

मोर्शी के भारतीय महाविद्यालय में आयोजन

मोर्शी /दि.7- भारतीय महाविद्यालय, मोर्शी में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं सांस्कृतिक विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्रज्ञाचक्षु संत गुलाबराव महाराज की जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई. कार्यक्रम का शुभारंभ संत गुलाबराव महाराज के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संतोष आगरकर ने की, जबकि वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. काले प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. इस अवसर पर बी.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा मयूरी राठोड़ ने संत गुलाबराव महाराज के जीवन, समाज जागरण में उनके योगदान, ज्ञान, भक्ति, विवेक एवं महाराष्ट्र शासन द्वारा उनकी जयंती मनाए जाने के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद संत गुलाबराव महाराज ने ज्ञान, अध्यात्म और दर्शन के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देकर समाज को नई दिशा प्रदान की. अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. संतोष आगरकर ने कहा कि प्रज्ञाचक्षु संत गुलाबराव महाराज का दिव्यांगत्व कभी भी उनकी ज्ञान-साधना में बाधा नहीं बना. दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर अध्ययन और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने भारतीय दर्शन, वेद-उपनिषद एवं अध्यात्म का गहन अध्ययन कर समाज को अमूल्य ज्ञान प्रदान किया. उन्होंने विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय करते हुए विवेकपूर्ण विचार समाज के सामने रखे. उन्होंने विद्यार्थियों से संत गुलाबराव महाराज के जीवन से संघर्ष, दृढ़ संकल्प, ज्ञानार्जन और समाज सेवा की प्रेरणा लेने का आह्वान किया.
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना की महिला कार्यक्रम अधिकारी प्रा. लाजवंती टेंभुर्णे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी प्रा. गोपाल भलावी ने किया. इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को संत गुलाबराव महाराज के ज्ञान, समता, विवेक, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मानवता के संदेश को आत्मसात करने की प्रेरणा मिली.

 

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