अवैध बाईक टैक्सी पर लगेगी लगाम

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दी जानकारी

* युवाओं को रोजगार दिलाने सरकार का बडा फैसला
मुंबई /दि.7- मुंबई एवं महानगर क्षेत्र में बाईक टैक्सी का मसला बेहद गंभीर हो चुका है. इस व्यवसाय के जरीए राज्य सरकार को एक रूपये का भी राजस्व नहीं मिलता है. जिसके चलते अब बाईक टैक्सी सेवा को नियमों में शामिल करते हुए इसके जरीए राजस्व एवं राज्य के युवाओं हेतु रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, ऐसी जानकारी परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा विधान सभा में दी गई.
विधायक दिलीप लांडे द्वारा उपस्थित किए गए तारांकित प्रश्न का जवाब देते हुए मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि राज्य में बाईक टैक्सी सेवा को अनुमती देते समय मंत्री मंडल ने केवल ईवी बाईक टैक्सी को अनुमती देने का निर्णय लिया था. क्योंकि यदी पेट्रोल बाईक बडी संख्या में सडकों पर आती तो इससे प्रदुषण बढने का खतरा था. बाईक टैक्सी के लिए ओला, उबेर व रैपिडो जैसी कंपनियों को अस्थायी अनुमती दी गई थी. परंतु इसमें से केवल एक कंपनी ने ही यह लायसेंस लिया था. साथ ही कुछ समय बाद यह बात भी समझ में आयी कि इन कंपनियों ने ई बाईक की बजाए पेट्रोल आधारित बाईक टैक्सी को सडकों पर उतारा था. जिसके बाद आरटीओ ने ऐसे दुपहिया वाहनों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी.
इसके साथ ही मंत्री प्रताप सरनाईक ने यह भी बताया कि इस समय मुंबई तथा महानगर क्षेत्र में चार से साढे चार लाख अवैध बाईक टैक्सी वाहन सडकों पर दौड रहे है. जिनसे सरकार को एक रूपये का भी राजस्व नहीं मिल रहा. इस बात को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने इस बारे में बैठक ली. जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए. जिसके तहत महाराष्ट्र के युवक-युवतियों को रोजगार मिलने हेतु बाईक टैक्सी के नियमों में बदलाव किए गए. ऐसे में अब यदी बाईक टैक्सी चलानी है तो रोजाना पांच रूपये सरकार को देने होंगे. साथ ही प्रत्येक राईड में से दो फीसद रकम भी कांटी जाएगी. जिसका प्रयोग जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा. इसके अलावा अधिवास यानी डोमेसाईज प्रमाणपत्र रहनेवाले लोगोें को ही बाईक टैक्सी चलाने की अनुमती दी जाएगी.
इस चर्चा के दौरान शिवसेना उबाठा के विधायक सुनिल प्रभु ने खाद्य तेल पदार्थों की घर पहुंच डिलिवरी का काम करने वाले दुपहिया सवारों की बेतरतीब ड्रायव्हिंग का भी मुद्दा उठाया और ऐसे दुपहिया सवारों की वजह से ट्राफिक जाम व सुरक्षा से संबंधित मुद्दे उपस्थित होने की ओर ध्यान दिलाया. जिस पर जवाब देते हुए मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि ऐसे दुपहिया वाहन चालकों के खिलाफ भविष्य में आरटीओर द्वारा कार्रवाई की जाएगी.

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