आकस्मिक मौत का मामला निकला हत्या प्रकरण
अकोला के डाबकी रोड परिसर में रेल्वे स्टेशन के पास मिला था घायल का शव

* पुरानी दुश्मनी व पैसों के विवाद में किया गया था हमला, तीन घंटे में आरोपी गिरफ्तार
अकोला/दि.8- डाबकी रोड क्षेत्र में रेलवे गेट के पास घायल अवस्था में मिले एक व्यक्ति की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जिस घटना को शुरू में दुर्घटना अथवा आकस्मिक मौत का मामला माना जा रहा था, वह दरअसल हत्या का प्रकरण निकला. अकोला स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने मामले का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी को महज तीन घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया. पुलिस जांच में सामने आया है कि पुरानी रंजिश और पैसों के विवाद के चलते आरोपी ने मृतक की बेरहमी से पिटाई की थी, जिससे उसकी मौत हो गई.
पुलिस के अनुसार, डाबकी रोड इलाके के रेलवे गेट के पास एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था. उसे तत्काल शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. प्रारंभिक तौर पर डाबकी रोड पुलिस थाने में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया था. मृतक के शव की जांच के दौरान शरीर पर गंभीर मारपीट के निशान पाए गए, जिससे पुलिस को दुर्घटना की बजाय हत्या का संदेह हुआ. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक ने स्थानीय अपराध शाखा को जांच के निर्देश दिए.
जांच के दौरान मृतक की पहचान राजू पांडुरंग इंगले (42) निवासी फडके नगर, शिवराणा चौक, डाबकी रोड, अकोला के रूप में हुई. इसके बाद पुलिस ने मृतक को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया. तकनीकी विश्लेषण, गोपनीय सूचना और स्थानीय स्तर पर की गई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने सुरेश रतनलाल अग्रवाल निवासी मोहरी देवी क्षेत्र, भारती प्लॉट, अकोला को हिरासत में लिया. पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसका राजू इंगले के साथ पुराना विवाद और पैसों को लेकर झगड़ा चल रहा था. इसी रंजिश के चलते उसने राजू इंगले के साथ मारपीट की, जिसमें गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई. इसके बाद मामले को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई.
सबसे खास बात यह रही कि अकोला जिला पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मात्र तीन घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के खिलाफ डाबकी रोड पुलिस थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया है. आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसे संबंधित पुलिस थाने के हवाले कर दिया गया है. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी. चंद्रकांत रेड्डी के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध शाखा के निरीक्षक नितीन लेव्हरकर के नेतृत्व में की गई.
आकस्मिक मौत समझे जा रहे मामले का हत्या में बदलना और पुलिस द्वारा कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लेना शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है. पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है.





