जेल में कैदियों के भोजन खरीद में करोड़ों के घोटाले का आरोप

मनसे नेता संदीप देशपांडे ने की जांच की मांग

मुंबई/दि.8 – महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता संदीप देशपांडे ने राज्य के जेल प्रशासन पर कैदियों के भोजन की खरीद में सैकड़ों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता की बात करती है, लेकिन जेलों में खाद्य सामग्री की खरीद में कथित अनियमितताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की.
देशपांडे का आरोप है कि महाराष्ट्र के कोल्हापुर, सातारा, येरवडा, कालंबा, सांगली और सोलापुर जेलों में कैदियों के भोजन की आपूर्ति के लिए वर्ष 2024 में जारी टेंडर प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी हुई. उन्होंने दावा किया कि जिन वस्तुओं की बाजार में कीमत करीब 135 रुपये प्रति किलो थी, उन्हें 209 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा गया. उनके अनुसार, दो वर्ष पहले बाजार में अरहर दाल लगभग 97 रुपये प्रति किलो थी, जबकि जेल प्रशासन ने इसे 209 रुपये प्रति किलो के भाव से खरीदा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टेंडर में ऐसी खाद्य सामग्री भी शामिल की गई, जो कैदियों को वास्तव में उपलब्ध ही नहीं कराई जाती. उनके अनुसार, बाजरा, ज्वार, बेसन और मूंगफली जैसी वस्तुएं कागजों में खरीदी जाती हैं, लेकिन कैदियों तक नहीं पहुंचतीं. वहीं, जेल प्रशासन एक अंडा 10.70 रुपये में खरीदता है, लेकिन सामान्य कैदियों को अंडा नहीं दिया जाता, बल्कि केवल भुगतान करने वाले कैदियों को ही उपलब्ध कराया जाता है.
संदीप देशपांडे ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार किसानों से 12 रुपये प्रति किलो में प्याज खरीदती है, जबकि वही प्याज जेल प्रशासन ठेकेदारों से 40 रुपये प्रति किलो की दर से खरीद रहा है. उन्होंने कहा कि इस पूरी व्यवस्था में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की आशंका है और राज्य सरकार को तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. इस दौरान उन्होंने कल्याण-डोंबिवली मनपा अस्पताल में एक महिला डॉक्टर से कथित मारपीट की घटना की भी निंदा की. उनका कहना था कि सत्ता के अहंकार में ऐसी घटनाएं हो रही हैं और जनता समय आने पर इसका जवाब देगी.

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