मेरे ‘उस’ वीडियो को 4.30 करोड लोग देख चुके

राकांपा नेत्री रूपाली चाकणकर का कोर्ट में दावा

आपत्तिजनक वीडियो को बताया ‘एआय जनरेटेड’
वीडियो के जरिए अपनी बदनामी होने की बात भी कही
मुंबई/दि.10- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) वीडियो के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. चाकणकर का दावा है कि इन वीडियो के कारण उनकी सार्वजनिक छवि और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा है. शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान उनके वकीलों ने अदालत को बताया कि इन वीडियो को सोशल मीडिया पर करीब 4 करोड़ 30 लाख (43 मिलियन) बार देखा जा चुका है, जिससे उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि प्रभावित हुई है.
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान रुपाली चाकणकर की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि अशोक खरात प्रकरण के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में एआई तकनीक की मदद से वीडियो तैयार कर वायरल किए गए. इन वीडियो को देश के विभिन्न राज्यों में साझा किया गया और इनके कारण उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा. वकीलों ने अदालत को बताया कि जब यह विवाद सामने आया था, उस समय रुपाली चाकणकर महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष थीं. मामले के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया था. इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ लगातार सामग्री प्रसारित की जाती रही.
सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष के वकीलों ने कहा कि उन्हें संबंधित वीडियो उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, इसलिए वे इस संबंध में कोई विस्तृत जवाब नहीं दे सकते. इसके बाद याचिकाकर्ता पक्ष ने अदालत को कथित एआई वीडियो और उससे जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई.
* क्या है अशोक खरात प्रकरण?
नासिक के स्वयंभू बाबा अशोक खरात पर कई महिलाओं के यौन शोषण के आरोप लगे थे. आरोप था कि वह स्वयं को दैवी शक्तियों वाला व्यक्ति बताकर महिलाओं को अपने प्रभाव में लेता था. मामले से जुड़े कथित सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरे महाराष्ट्र में हड़कंप मच गया था. विवाद के दौरान अशोक खरात और रुपाली चाकणकर के बीच संबंधों को लेकर भी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा हुई थी. दोनों के कुछ फोटो और कथित मोबाइल बातचीत से जुड़ी जानकारियां भी सामने आई थीं. इसके बाद विपक्षी दलों ने चाकणकर और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा था. अशोक खरात प्रकरण के बाद बढ़ते विवाद और राजनीतिक दबाव के बीच रुपाली चाकणकर ने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. साथ ही उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के महिला प्रदेशाध्यक्ष पद से भी अपना त्यागपत्र सौंप दिया था.
* 23 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
रुपाली चाकणकर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को निर्धारित की है. अदालत अब यह जांच करेगी कि सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की प्रकृति क्या है, उसमें एआई तकनीक का कितना उपयोग हुआ है और क्या उससे याचिकाकर्ता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है.

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