पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क पर सबसे बड़ी कार्रवाई
विदर्भ से भी 10 संदिग्धों की गिरफ्तारी, अमरावती जिले में भी दो स्थानों पर छापा

* नागपुर से 4, चंद्रपुर से 3 तथा गोंदिया, गडचिरोली व वर्धा से 1-1 संदिग्ध को उठाया गया
* अमरावती जिले के दो ग्रामीण क्षेत्रों से कुछ लोगों को उठाए जाने की जानकारी
* राज्य में अलग-अलग जिलों से उठाए गए संदेहितों से अलग-अलग स्थानों पर चल रही पूछताछ
* सभी के सोशल मीडिया कनेक्शन कंगाले जा रहे, सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को फंसाने की आशंका
अमरावती/नागपुर/मुंबई/दि.10- महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने पाकिस्तान स्थित कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी के कथित नेटवर्क के खिलाफ राज्यव्यापी अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाते हुए 150 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है. इस कार्रवाई में राज्यभर से 100 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. एटीएस की इस कार्रवाई से पूरे महाराष्ट्र में हड़कंप मच गया है, जबकि विदर्भ क्षेत्र जांच का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, एटीएस द्वारा राज्य भर में की गई कार्रवाई के तहत बिती रात अमरावती जिले के दो ग्रामीण इलाकों में भी छापामार कार्रवाई की गई. जहां से कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी है. अमरावती जिले से पकडे गए संदिग्धों की निश्चित संख्या का अभी खुलासा नहीं हुआ है. वहीं शेष विदर्भ से कुल 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है. इनमें नागपुर शहर के 4, चंद्रपुर जिले के 3 तथा गोंदिया, गड़चिरोली और वर्धा जिले के एक-एक व्यक्ति शामिल हैं. इसके अलावा मराठवाड़ा क्षेत्र से भी 13 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
* अमरावती व नागपुर सहित पूरे विदर्भ में देर रात चली कार्रवाई
एटीएस की विशेष टीमों ने अमरावती, नागपुर, चंद्रपुर, गोंदिया, गड़चिरोली, वर्धा और अकोला सहित विदर्भ के विभिन्न जिलों में एक साथ दबिश दी. इसमें से संभागीय मुख्यालय रहनेवाले अमरावती व नागपुर जिलों में की गई कार्रवाई को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए कुछ लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स और डिजिटल गतिविधियों में पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों से संपर्क के संकेत मिले थे. हालांकि एटीएस ने अभी तक किसी भी व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन सभी संदिग्धों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, सोशल मीडिया अकाउंट, बैंक लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है.
* सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंच रहा था नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार, शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर इंस्टाग्राम और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर भारत के युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे थे. पहले युवाओं से मित्रता स्थापित की जाती थी, फिर उन्हें छोटे-छोटे कार्य सौंपे जाते थे और बदले में ऑनलाइन भुगतान किया जाता था. एटीएस को आशंका है कि बेरोजगार युवाओं को विदेश में रोजगार, लग्जरी जीवनशैली और त्वरित कमाई का लालच देकर इस नेटवर्क से जोड़ा जा रहा था. जांचकर्ता यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि कहीं इन संपर्कों का उपयोग जासूसी, स्लीपर सेल तैयार करने, हथियार तस्करी या अन्य देशविरोधी गतिविधियों के लिए तो नहीं किया जा रहा था.
* दिल्ली-पंजाब मॉड्यूल के खुलासे के बाद बढ़ी जांच
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली और पंजाब से छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया था. जांच में सामने आया था कि कुछ लोगों ने राजधानी के संवेदनशील इलाकों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और भीड़भाड़ वाले बाजारों की रेकी कर वीडियो तैयार किए और कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित नेटवर्क तक पहुंचाए. इसी खुलासे के बाद महाराष्ट्र में भी ऐसे लोगों की पहचान शुरू हुई, जिनके सोशल मीडिया संपर्क शहजाद भट्टी या उसके नेटवर्क से जुड़े हो सकते थे. इसके बाद एटीएस ने राज्यव्यापी अभियान शुरू किया.
* संभाजीनगर क्षेत्र से भी 13 संदिग्ध हिरासत में
एटीएस की संभाजीनगर इकाई ने छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड और धाराशिव जिलों में विशेष अभियान चलाकर 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया है. इनमें संभाजीनगर से 9, जालना से 2, बीड से 1 और धाराशिव से 1 व्यक्ति शामिल है. सभी संदिग्धों को आगे की पूछताछ के लिए एटीएस कार्यालय लाया गया है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इन लोगों का कथित संपर्क किस उद्देश्य से था और क्या वे किसी संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे.
* इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं. साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञ इनकी जांच कर रहे हैं. इसके साथ ही संदिग्धों के बैंक खातों, डिजिटल भुगतान रिकॉर्ड, विदेशी लेन-देन और संभावित फंडिंग स्रोतों की भी जांच की जा रही है. एटीएस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इन लोगों को विदेशों से आर्थिक सहायता मिली थी और क्या किसी प्रकार का अवैध वित्तीय नेटवर्क सक्रिय था.
* कौन है शहजाद भट्टी?
शहजाद भट्टी पाकिस्तान के लाहौर का निवासी बताया जाता है और वर्तमान में दुबई से अपना नेटवर्क संचालित करने की बात जांच एजेंसियां कहती हैं. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार उसका नाम कई संगठित अपराध, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क और सुरक्षा संबंधी मामलों में सामने आ चुका है. जांच एजेंसियों का दावा है कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को अपने प्रभाव में लेने और उन्हें विभिन्न गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास करता रहा है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी उससे जुड़े मामलों की जांच कर चुकी हैं.
* राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बड़ा ऑपरेशन
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई केवल अपराधियों के खिलाफ अभियान नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से सक्रिय हो रहे संभावित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है. एटीएस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद कई महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं. फिलहाल महाराष्ट्र में चल रही इस व्यापक कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया के जरिए संचालित होने वाले संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क अब सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी.





