1 अगस्त से सभी सरकारी और संवेदनशील दस्तावेजों पर डिजिटल हस्ताक्षर अनिवार्य
महाराष्ट्र सरकार का फैसला, शासकीय कामकाज में सुरक्षा व पारदर्शिता लाने के प्रयास

मुंबई /दि.13- महाराष्ट्र सरकार ने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ा निर्णय लिया है. अब राज्य सरकार के सभी महत्वपूर्ण आदेश, अधिसूचनाएं, स्वीकृति पत्र और अन्य संवेदनशील दस्तावेज 1 अगस्त से केवल डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट या ई-साइन के माध्यम से ही जारी किए जाएंगे. इस संबंध में इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विभाग ने 13 जुलाई को शासन परिपत्र जारी किया है.
सरकार के अनुसार, सरकारी आदेश, अधिसूचनाएं और मंजूरी पत्र सीधे नागरिकों के अधिकारों, संपत्ति, वित्तीय दायित्वों और कानूनी मामलों से जुड़े होते हैं. ऐसे दस्तावेजों की प्रामाणिकता, सुरक्षा, अखंडता और सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल हस्ताक्षर प्रणाली को अनिवार्य बनाया गया है. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत डिजिटल हस्ताक्षर को पहले से ही कानूनी मान्यता प्राप्त है.
* इन दस्तावेजों पर होगा लागू नियम
नए आदेश के तहत निम्नलिखित दस्तावेज केवल डिजिटल हस्ताक्षर या ई-साइन के माध्यम से ही जारी किए जाएंगे. इसमें शासन निर्णय, अधिसूचनाएं, परिपत्र और कार्यालयीन आदेश, भूमि अधिग्रहण से संबंधित अधिसूचनाएं, भू-अवार्ड और स्वीकृति पत्र, न्यायालय एवं अर्ध-न्यायालय से संबंधित आदेश तथा उनके अनुपालन के निर्देश, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां, निधि वितरण, नियुक्ति, पदोन्नति, तबादला और अनुशासनात्मक कार्रवाई संबंधी आदेश, सरकारी निविदाएं, अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) और एमओयू, नागरिकों के अधिकार, संपत्ति या सरकारी लाभों को प्रभावित करने वाले सभी आदेश एवं प्रमाणपत्र का समावेश है.
* 31 जुलाई तक तैयारी, 1 अगस्त से अनिवार्य
सरकार ने सभी विभागों को 31 जुलाई तक अपनी वेबसाइट, सेवा पोर्टल और ई-ऑफिस प्रणाली में आवश्यक तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं. इसके बाद 1 अगस्त से डिजिटल हस्ताक्षर या ई-साइन का उपयोग पूरी तरह अनिवार्य होगा. केवल अत्यंत विशेष परिस्थितियों को छोड़कर हस्तलिखित हस्ताक्षर वाले दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे. शासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को समय रहते अपना डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट प्राप्त करने के निर्देश भी दिए हैं. सरकार का मानना है कि यह निर्णय महाराष्ट्र में डिजिटल प्रशासन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.





