कृषि पंपों के 48 हजार करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिल माफ करने की ऐतिहासिक घोषणा
लाखों किसानों को राहत, विधायक उमेश यावलकर ने विधानसभा में उठाया था मुद्दा

वरुड/दि.16 – महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए कृषि पंपों के 48 हजार करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिल माफ करने की ऐतिहासिक घोषणा की है. इस फैसले से राज्य के लाखों किसान परिवारों को लाभ मिलेगा. वरुड-मोर्शी विधानसभा क्षेत्र के विधायक उमेश उर्फ चंदू यावलकर ने इस मुद्दे को लगातार विधानसभा और सरकार के समक्ष उठाया था, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया.
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 के मानसून सत्र के दौरान विधायक उमेश यावलकर ने विधानसभा में किसानों के कृषि पंपों के बकाया बिजली बिल पूरी तरह माफ करने की मांग उठाई थी. उन्होंने सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा था कि राज्य सरकार ने वर्ष 2024 से 2029 तक कृषि पंपों के बिजली बिल में राहत देने का निर्णय लिया है, लेकिन इससे पहले के वर्षों के बकाया बिल अभी भी किसानों पर बोझ बने हुए हैं. विधायक यावलकर ने सदन में कहा था कि पुराने बिजली बिलों की बकाया राशि के कारण किसानों को नई बिजली कनेक्शन, कृषि पंप संचालन, सौर ऊर्जा पंप योजना का लाभ लेने और कृषि भूमि की बिक्री जैसे कार्यों में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. प्राकृतिक आपदाओं, बढ़ती उत्पादन लागत और आय की अनिश्चितता के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है. ऐसे में पुराने बकाया बिजली बिल जमा करना उनके लिए बेहद कठिन हो गया है. उन्होंने सरकार से किसानों के हित में सभी लंबित कृषि पंप बिजली बिल पूरी तरह माफ करने और संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की थी. इस संबंध में उन्होंने 11 जुलाई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भी भेजा था. विधायक यावलकर की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 48 हजार करोड़ रुपये के कृषि पंपों के बकाया बिजली बिल माफी की ऐतिहासिक घोषणा की है. इस फैसले से राज्य के लाखों किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. निर्णय के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और विधायक उमेश यावलकर के प्रति आभार व्यक्त किया है.





