हिवरखेड के चाय कैंटीन में 8 फीट लंबे अजगर से दहशत
सर्पमित्रों ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

हिवरखेड/दि.17- शहर के स्पेशल चाय कैंटीन में गुरुवार रात करीब 9 बजे 8 फीट लंबा अजगर दिखाई देने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कैंटीन में मौजूद लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए अजगर को नुकसान पहुंचाने की बजाय तुरंत जीवनसेतू जलमित्र आपत्ती बचाव बहुउद्देशीय संस्था ेकी सर्पमित्र हेल्पलाइन पर सूचना दी.
सूचना मिलते ही संस्था की प्रशिक्षित सर्पमित्र टीम मौके पर पहुंची. सबसे पहले आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाया गया और फिर पूरी सावधानी तथा संयम के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया. कुछ देर की मशक्कत के बाद करीब 8 फीट लंबे अजगर को बिना किसी चोट के सुरक्षित पकड़ लिया गया. इस दौरान स्थानीय नागरिकों ने भी टीम का पूरा सहयोग किया. सर्पमित्रों ने बताया कि अजगर वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित प्रजाति है और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. इसलिए ऐसे वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने के बजाय सुरक्षित तरीके से उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाना चाहिए.
रेस्क्यू के बाद अजगर को वन विभाग के अधिकारी कांबले के सुपुर्द किया गया. आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वन विभाग की निगरानी में उसे सुरक्षित रूप से आरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया. इस रेस्क्यू अभियान में प्रेम मडावी, शुभम काटसर्पे, जितेंद्र ठवरे, प्रियांशु तायवाड़े, तौफिक शेख, अनुराग शर्मा और शौर्य वानखेड़े ने सक्रिय भूमिका निभाई. संस्था ने नागरिकों से अपील की है कि यदि घर, खेत, दुकान या किसी सार्वजनिक स्थान पर सांप या अन्य वन्यजीव दिखाई दें तो घबराएं नहीं और न ही उन्हें मारने या पकड़ने का प्रयास करें. ऐसी स्थिति में तुरंत प्रशिक्षित सर्पमित्र या वन विभाग को सूचना दें.





