एनएचएआई को बड़ा झटका

मुआवजा नहीं देने पर अदालत का टोल प्लाजा जब्त करने का आदेश

* भूमि अधिग्रहण में किसानों के साथ अन्याय
अकोला/वाशीम/दि.8 – राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहित भूमि का उचित मुआवजा नहीं देने के मामले में वाशीम जिला न्यायालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को बड़ा झटका दिया है. अदालत ने किसानों को संशोधित मुआवजा नहीं मिलने पर तोंडगांव-धूमका टोल प्लाजा को जब्त करने का आदेश जारी किया है.
मामला राष्ट्रीय राजमार्ग-161 से जुड़ा है. किसान बेबीताई दिनकर गर्जे और उनके पुत्र विठ्ठल दिनकर गर्जे की जांभरूण नावजी गांव स्थित भूमि का अधिग्रहण वाशीम बाईपास निर्माण के लिए किया गया था. किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन राज्य राजमार्ग से लगी होने के बावजूद उन्हें नियमानुसार चार गुना दर से मुआवजा नहीं दिया गया. साथ ही लेआउट की सड़क, खुली जगह और अन्य सुविधाओं के लिए अधिग्रहित भूमि का भी भुगतान नहीं किया गया. इस अन्याय के खिलाफ किसानों ने अपर जिलाधिकारी के समक्ष याचिका दायर की. सुनवाई के बाद अधिकारियों ने किसानों के पक्ष में फैसला देते हुए बढ़ी हुई दर से मुआवजा देने का आदेश दिया, लेकिन एनएचएआई ने आदेश के बावजूद भुगतान नहीं किया.
इसके बाद किसानों ने वसूली के लिए वाशीम जिला न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. अदालत में छह वसूली आवेदन दायर किए गए. सुनवाई के दौरान किसानों ने बताया कि वाशीम जिले के अधिकार क्षेत्र में स्थित तोंडगांव-धूमका टोल प्लाजा से प्रतिदिन लाखों रुपये का टोल संग्रह किया जाता है, इसलिए बकाया राशि की वसूली के लिए टोल प्लाजा जब्त किया जाए. मुख्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किसानों की मांग स्वीकार करते हुए 7 जुलाई को टोल प्लाजा कुर्क करने के वारंट पर हस्ताक्षर कर दिए. किसानों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता उदय देशमुख ने दावा किया कि किसानों के मुआवजे की वसूली के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के टोल प्लाजा को जब्त करने का यह देश का पहला मामला हो सकता है. इस फैसले को भूमि अधिग्रहण मामलों में किसानों के अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण न्यायिक कदम माना जा रहा है.

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