स्कूलों के 500 मीटर दायरे में एनर्जी ड्रिंक बिक्री पर एफडीए की सख्ती
बच्चों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

* नियम तोड़ने पर लाइसेंस रद्द, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
अमरावती/दि.18 – स्कूली बच्चों में कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक्स और रंगीन सॉफ्ट ड्रिंक्स की बढ़ती खपत को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. विभाग ने स्कूल परिसरों के 500 मीटर के दायरे में ऐसे पेय पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं. आदेश का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
एफडीए के अनुसार, सोशल मीडिया और आकर्षक विज्ञापनों के प्रभाव से बच्चे तेजी से एनर्जी ड्रिंक्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं. बाजार में 20 रुपये से लेकर 300 रुपये से अधिक कीमत तक के विभिन्न ब्रांड उपलब्ध हैं, जिनकी चमकदार पैकेजिंग और फ्लेवर बच्चों को लुभा रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, एक सामान्य एनर्जी ड्रिंक के कैन में 30 से 50 ग्राम चीनी और 80 से 150 मिलीग्राम कैफीन होती है, जो बच्चों के लिए सुरक्षित सीमा से कहीं अधिक है. इसके लगातार सेवन से मोटापा, दांतों की समस्याएं, टाइप-2 डायबिटीज, हृदय संबंधी परेशानियां तथा मस्तिष्क के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. एफडीए ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई विक्रेता स्कूल परिसर या उसके 500 मीटर के दायरे में कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक्स या प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ बेचते हुए पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है. इसके अलावा भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है.
विभाग ने बताया कि अब विशेष अभियान के तहत स्कूलों के आसपास स्थित स्टॉल, बेकरी, दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया जाएगा ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके. यदि किसी स्कूल के आसपास प्रतिबंधित कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री हो रही हो, तो अभिभावक, नागरिक या स्कूल प्रबंधन एफडीए के टोल-फ्री नंबर 1800-222-365 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या स्थानीय खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय में लिखित शिकायत दे सकते हैं. विशेषज्ञ डॉ. आशीष येवतीकर ने कहा कि बच्चों में एनर्जी ड्रिंक्स का अत्यधिक सेवन उनके मस्तिष्क और हृदय पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है. इसलिए अभिभावकों और स्कूलों को भी बच्चों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना चाहिए.





