हर दिन 64 लोगों पर हमला
अमरावती में आवारा कुत्तों का आतंक

* छह महीने में 11,519 मरीजों का इलाज
अमरावती/दि.20– अमरावती जिले में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब जनसुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन गई है. सरकारी अस्पतालों के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के बीच कुत्तों के काटने के 11,519 मामले दर्ज हुए हैं. यानी जिले में औसतन हर दिन 64 नागरिक आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हो रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह आंकड़ा केवल सरकारी अस्पतालों में उपचार कराने वाले मरीजों का है. निजी अस्पतालों, मनपा के स्वास्थ्य केंद्रों और जिला परिषद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के आंकड़े इसमें शामिल नहीं हैं. ऐसे में वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक होने की आशंका है.
* शहर के कई इलाकों में बढ़ा खतरा
शहर के वार्डों, प्रमुख चौराहों, बाजारों, स्कूलों और अस्पतालों के आसपास आवारा कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते देखे जा रहे हैं. हाल ही में रुक्मिणी मनपा क्षेत्र में एक आवारा कुत्ते ने 10 वर्षीय बच्ची पर हमला कर उसे घायल कर दिया था. घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई, जिसके बाद मनपा ने आवारा कुत्तों को पकड़ने का विशेष अभियान शुरू किया.
* अन्य जानवरों के हमले भी चिंता का विषय
सरकारी अस्पतालों के रिकॉर्ड के मुताबिक, कुत्तों के अलावा बिल्लियों, बंदरों, चूहों और अन्य जंगली जानवरों के काटने के 883 मामले भी जनवरी से जून के बीच सामने आए. स्वास्थ्य विभाग ने यह भी बताया कि जंगली जानवर के हमले में घायल एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई.
* स्थायी समाधान की मांग
नागरिकों का कहना है कि केवल कुत्तों को पकड़ने के अभियान से समस्या का समाधान संभव नहीं है. उन्होंने आवारा कुत्तों की नसबंदी, नियमित टीकाकरण, डी-वॉर्मिंग, प्रभावी कचरा प्रबंधन और निरंतर पकड़ो-अभियान चलाने की मांग की है, ताकि शहर और जिले में बढ़ते हमलों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके.





