समाजसेवा के प्रतीक बापूसाहेब कारंजकर को भावभीनी श्रद्धांजलि

स्व. कारंजकर के संघर्षमय जीवन पर डाला प्रकाश

* मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षिका का भी हुआ सम्मान
अमरावती/दि.22– समाजसेवा, जनहित और वैचारिक राजनीति के प्रतीक रहे स्व. बापूसाहेब कारंजकर की 35 वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई. इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी शंकरराव हिंगासपुरे को वर्ष-2026 का ‘स्व. बापूसाहब कारंजकर स्मृति गौरव पुरस्कार’ प्रदान कर सम्मानित किया गया. सम्मान स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि, स्व. बापूसाहेब कारंजकर जैसा निस्वार्थ, जनहितैषी औरर सिद्धांतों पर चलने वाला जननेता दोबारा मिलना कठिन है.
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी एवं चिकित्सक डॉ. सी. सी. केला ने की. इस अवसर पर विलास इंगोले, डॉ. गोविंद कासट, प्रा. संजय शिरभाते, सुनिता भेले, ललिता रतावा, प्रा. डॉ. किशोर फुले, मधुकर साउरकर, दीपक गुल्हाने तथा विलास कारंजकर सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे. कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा स्व. बापूसाहेब कारंजकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ. संस्था के अध्यक्ष दीपक गुल्हाने ने प्रस्तावना रखी, जबकि वरिष्ठ सदस्य अभिनंदन पेंढारी ने शंकरराव हिंगासपुरे के सामाजिक योगदान का परिचय दिया. इसके बाद अतिथियों ने शाल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिन्ह देकर उनका स्वागत किया.
मुख्य वक्ता प्रा. डॉ. किशोर फुले ने स्व. बापूसाहेब कारंजकर के स्वतंत्रता संग्राम, गोवा मुक्ति आंदोलन, समाजवादी विचारधारा, डॉ. राममनोहर लोहिया एवं एस. एम. जोशी से प्रेरित जनसेवा तथा अमरावती शहर के 900 वर्षों के इतिहास लेखन जैसे उल्लेखनीय कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया. अन्य वक्ताओं ने भी उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम में भूमिका कोपरेकर, प्रसिद्धि साहू, शशी कोठार, शिवांजलि केवले, आसीर खान तथा शाश्रिका कोठार को विभिन्न स्मृति पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. वहीं नीलकंठ माध्यमिक विद्यालय की मुख्याध्यापिका पूनम येवतीकर के आगामी सेवानिवृत्ति अवसर पर उनका विशेष सम्मान किया गया.
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन दीपक हुंडीकर ने किया. अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. सी. सी. केला ने नई पीढी से स्व. बापूसाहेब कारंजकर के आदर्शों को अपनाकर समाजसेवा के मार्ग पर आगे बढाने का आह्वान किया. अंत में नीलेश कारंजकर ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया. समारोह में पुरुषोत्तम मूंदडा, गोवर्धन गावंडे, नरेंद्र तायडे, रमेश उंडे, राजू भेले, सुरेश रतावा, राधेश्याम यादव, अशोक बामणगांवकर, सुरेश धावडे, डॉ. घनश्याम मुदगल, बाबासाहब गंगात्रे, सुरेश टाकले, हरिभाउ विंचूरकर, रमेश कोनलाडे, रमेश राजोटे, विवेक बारलिगे, राजू गावाफले, शेखर पांडे, गुबले, शशांक दुबे, अजय गुल्हाने, उमेश कोनलाडे, रवींद्र इंगले, दिलीप सौरकर, सुनील सातपुते, सुनील भेंडे, आशीष पांंडे, योगेश बारलिगे, संजय वाघुलकर, जबुवत देशमुख, सुरेश करुले, अरविंद केवले, प्रमोद जैन, सुभाष इंगले, सुषमा वानखडे सहित बडी संख्या में मंडल के सदस्य, शिक्षक, विद्यार्थी एवं नागरिक उपस्थित रहे.

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