अमरावती जिले सहित संभाग में मानसून की जोरदार वापसी

दो दिनों में बढ़ी वर्षा की रफ्तार; तीसरे दिन भी झमाझम बारिश जारी

* जिले में 11.17 मिमी व संभाग में 8.3 मिमी वर्षा दर्ज
* एक दिन में 17 प्रतिशत से अधिक बढ़ी संचयी वर्षा
* कई तहसीलों में 20 से 30 मिमी तक बारिश
* किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान, कई नदी-नाले उफान पर
अमरावती/दि.22- जुलाई माह के पहले पखवाड़े में अपेक्षाकृत कमजोर पड़े मानसून ने अब अमरावती संभाग में जोरदार वापसी की है. पिछले दो दिनों के दौरान हुई अच्छी बारिश ने न केवल खेतों और जलस्रोतों को नया जीवन दिया है, बल्कि किसानों की चिंता भी काफी हद तक कम कर दी है. 20 और 21 जुलाई के सरकारी वर्षा आंकड़ों से स्पष्ट है कि अमरावती जिले सहित पूरे संभाग में वर्षा की गतिविधियां तेज हुई हैं. वहीं आज बुधवार 22 जुलाई को लगातार तीसरे दिन भी अमरावती जिले और संभाग के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी है, जिससे आगामी दिनों में वर्षा के आंकड़ों में और बढ़ोतरी होने की संभावना है.
जिला प्रशासन के वर्षा रिकॉर्ड के अनुसार 20 जुलाई तक अमरावती जिले में जून से अब तक कुल 206.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी. 21 जुलाई को यह आंकड़ा बढ़कर 217.8 मिमी हो गया. यानी महज 24 घंटे में जिले में औसतन 11.6 मिमी अतिरिक्त वर्षा दर्ज हुई. जून से सितंबर तक अमरावती जिले की सामान्य वर्षा 862 मिमी मानी जाती है. इसके मुकाबले अब तक जिले में 217.8 मिमी वर्षा दर्ज हुई है, जो सामान्य वर्षा का 25.3 प्रतिशत है. 20 जुलाई को यह प्रतिशत 23.9 था, अर्थात एक ही दिन में स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला.
इसके साथ ही अमरावती संभाग के पांचों जिलों अमरावती, अकोला, बुलढाणा, वाशिम और यवतमाल में वर्षा की स्थिति में सुधार हुआ है. 20 जुलाई को संभाग की संचयी वर्षा 206.6 मिमी थी, जो 21 जुलाई को बढ़कर 214.7 मिमी हो गई. संभाग की सामान्य वर्षा 749.8 मिमी के मुकाबले अब तक 214.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य का 28.6 प्रतिशत है. पिछले दिन यह आंकड़ा 27.6 प्रतिशत था. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी सप्ताह तक वर्षा का यही क्रम जारी रहा तो संभाग में वर्षा की कमी तेजी से कम हो सकती है.
* चांदूर रेल्वे में सबसे अधिक 30.6 मिमी बारिश
21 जुलाई को अमरावती जिले की विभिन्न तहसीलों में हुई वर्षा का विश्लेषण करें तो कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक 30.6 मिमी वर्षा चांदूर रेल्वे तहसील में हुई. इसके अलावा धामणगांव में 23.4 मिमी, दर्यापुर में 20.4 मिमी, नांदगांव खंडेश्वर में 18.0 मिमी, अमरावती तहसील में 17.0 मिमी, वरुड में 15.8 मिमी, भातकुली में 6.9 मिमी, मोर्शी में 6.1 मिमी, तिवसा में 5.9 मिमी व चिखलदरा में 5.4 मिमी बारिश हुई. बारिश के कारण कई गांवों में खेतों में पानी भर गया है और छोटे-बड़े नाले फिर से बहने लगे हैं.
* मोर्शी और नांदगांव खंडेश्वर वर्षा में सबसे आगे
जून माह से अब तक की कुल संचयी वर्षा के आधार पर जिले में मोर्शी सबसे आगे है, जहां 260.1 मिमी वर्षा दर्ज हुई है. इसके बाद नांदगांव खंडेश्वर में 256.3 मिमी, चांदूर बाजार में 220.2 मिमी, अमरावती में 210.1 मिमी, चांदूर रेल्वे में 204.0 मिमी, दर्यापुर में 202.9 मिमी, अंजनगांव में 198.8 मिमी बारिश दर्ज हुई. वहीं भातकुली (142.8 मिमी) और अचलपुर (158 मिमी) अभी भी अपेक्षाकृत कम वर्षा वाले क्षेत्र बने हुए हैं.
* मेलघाट में भी मानसून मेहरबान
धारणी और चिखलदरा जैसे मेलघाट क्षेत्र के दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में भी पिछले दो दिनों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई है. धारणी में संचयी वर्षा बढ़कर 312.8 मिमी पहुंच गई है. जबकि चिखलदरा में 262.6 मिमी वर्षा दर्ज हुई है. लगातार बारिश के कारण मेलघाट के जंगल, पहाड़ियां और जलप्रपात फिर से जीवंत हो उठे हैं. पर्यटक स्थलों पर भी प्राकृतिक सौंदर्य निखरने लगा है.
* यवतमाल संभाग का सबसे अधिक वर्षा वाला जिला
संभागीय स्तर पर देखें तो यवतमाल जिले में सबसे अधिक 252.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य का 74.7 प्रतिशत है. इसके बाद अमरावती में 217.8 मिमी, बुलढाणा में 194.2 मिमी, अकोला में 188.0 मिमी व वाशिम जिले में 187.8 मिमी पानी बरसा है. हालांकि अधिकांश जिलों में अभी भी सामान्य वर्षा की तुलना में कमी बनी हुई है, लेकिन पिछले तीन दिनों की बारिश ने स्थिति में सुधार के संकेत दिए हैं.
* खरीफ फसलों को मिला जीवनदान
पिछले कुछ सप्ताह से बारिश की कमी के कारण जिले में सोयाबीन, कपास, तुअर, मूंग और अन्य खरीफ फसलों पर संकट के बादल मंडरा रहे थे. कई स्थानों पर अंकुरण प्रभावित होने लगा था और किसानों में दोबारा बुवाई की आशंका को लेकर चिंता बढ़ रही थी. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि हाल की बारिश फसलों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है. खेतों में नमी बढ़ने से पौधों की वृद्धि में तेजी आएगी और उत्पादन की संभावनाएं मजबूत होंगी. यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी वर्षा जारी रहती है तो खरीफ सीजन के लिए यह अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी.
* जलाशयों, कुओं और भूजल स्तर में सुधार
लगातार बारिश का असर जिले के जलस्रोतों पर भी दिखाई देने लगा है. छोटे-बड़े तालाबों, खेत तालाबों, बांधों और कुओं में जलस्तर बढ़ रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट की आशंका कम हुई है. विशेषज्ञों के अनुसार वर्षा का यह दौर भूजल पुनर्भरण के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों से भूजल स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी.
* तीसरे दिन भी जारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
बुधवार सुबह से अमरावती शहर, अचलपुर, दर्यापुर, मोर्शी, वरुड, तिवसा, चांदूर बाजार, चांदूर रेल्वे, धारणी और चिखलदरा सहित अधिकांश क्षेत्रों में रुक-रुककर तेज बारिश जारी है. कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भरने और नालों के उफान पर आने की स्थिति भी देखी जा रही है. मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत में सक्रिय मौसमी प्रणाली के कारण विदर्भ क्षेत्र में अगले 48 घंटे तक वर्षा की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है.
* किसानों और प्रशासन की नजरें अगले सप्ताह पर
पिछले तीन दिनों की बारिश ने जिले में राहत का माहौल बनाया है, लेकिन कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ फसलों और जलाशयों को पूरी तरह संतोषजनक स्थिति में पहुंचाने के लिए आगामी सप्ताह में भी नियमित वर्षा आवश्यक होगी. फिलहाल लगातार तीसरे दिन हो रही बारिश ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि मानसून अब अमरावती जिले और पूरे संभाग में फिर से सक्रिय हो चुका है. किसानों, ग्रामीणों और प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी बारिश का यह सिलसिला जारी रहेगा और वर्षा की कमी का अंतर धीरे-धीरे कम होता जाएगा.

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