रोजगार के अवसर वाले प्रशिक्षण पर दें जोर
जिलाधिकारी आशिष येरेकर के निर्देश

अमरावती/दि.9– युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए सक्षम बनाना राज्य सरकार की नीति है. जिले के युवाओं को पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और होम केयरटेकर जैसे रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में नियोजन किया जाए, ऐसे निर्देश जिलाधिकारी आशिष येरेकर ने दिए.
जिलाधिकारी कार्यालय में मंगलवार को कौशल विकास विभाग की बैठक आयोजित की गई. बैठक में सहायक आयुक्त प्रांजली बारस्कर उपस्थित थीं. इस दौरान जिले में आगामी वर्ष में संचालित किए जाने वाले विभिन्न प्रशिक्षण वर्गों की जानकारी प्रस्तुत की गई. जिलाधिकारी येरेकर ने कहा कि जिले के लवादा क्षेत्र में बांस प्रशिक्षण के लिए अच्छी व्यवस्था विकसित की जा सकती है. इस दिशा में भी नियोजन किया जाए. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों के युवा होटल क्षेत्र में प्रशिक्षण लेकर दूसरे राज्यों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं. इसी तरह का प्रयोग अमरावती जिले में भी किया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि राज्य के बड़े शहरों में वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित मनुष्यबल की आवश्यकता बढ़ रही है. इसे देखते हुए जिले में प्रायोगिक आधार पर होम केयरटेकर प्रशिक्षण की एक बैच शुरू की जाए.
संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है. यहां युवाओं के लिए ईवी प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएं. जिलाधिकारी ने कहा कि केवल कौशल प्रशिक्षण देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं को रोजगार मिले, इसके लिए भी प्रभावी प्रयास किए जाने चाहिए. उन्होंने बताया कि आगामी 29 सितंबर को जिले के 15 स्थानों पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय रोजगार महाकुंभ आयोजित किया जाएगा. इसमें अनुभव रखने वाले युवाओं को भी शामिल किया जाए. साथ ही निजी कंपनियों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराते समय अनुभवी उम्मीदवारों के चयन के लिए विशेष प्रयास किए जाएं. बैठक में न्यूनतम कौशल योजना, मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण योजना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई.





