14,381 सोयाबीन बीज शिकायतों से पश्चिम विदर्भ में हड़कंप
75 एफआईआर दर्ज, खरीफ सीजन पर संकट

अमरावती/दि.23- पश्चिम विदर्भ में खरीफ सीजन के दौरान सोयाबीन बीजों के अंकुरित नहीं होने की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है. कृषि विभाग के अनुसार, 20 जुलाई तक 14,381 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं. इस मामले में जांच के दौरान 75 एफआईआर दर्ज की गई हैं. किसानों का आरोप है कि बिना प्रमाणित और घटिया गुणवत्ता के बीजों की बिक्री के कारण उन्हें दोबारा बुआई करनी पड़ी, जिससे आर्थिक नुकसान कई गुना बढ़ गया है.
कृषि विभाग ने बताया कि अब तक 7,915 शिकायतों की जांच पूरी की जा चुकी है, जबकि शेष मामलों की जांच जारी है. बीज खराब होने से 23 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र प्रभावित हुआ है. इसके बावजूद बीज कंपनियों ने केवल 883 शिकायतों का निपटारा किया है और 1,066 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए ही मुआवजा दिया है. कृषि विभाग के अनुसार, 21 बीज कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इनमें 13 कंपनियां मध्य प्रदेश, 6 महाराष्ट्र तथा अन्य राज्यों की 2 कंपनियां शामिल हैं. सबसे अधिक 16 एफआईआर बूस्टर प्लॉट जेनेटिक्स (जालना), 13 रवि सीड्स (रतलाम, मध्य प्रदेश) और 9 पार्श्व सीडर जेनेटिक्स (पेटलावद, मध्य प्रदेश) के खिलाफ दर्ज की गई हैं.
संयुक्त कृषि निदेशक गणेशराव घोरपड़े ने कहा कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाली किसी भी बीज कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा. गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारियों ने दोषी कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. सोयाबीन बीज संकट और मानसून की अनिश्चितता के बीच किसान संगठनों ने सरकार से प्रभावित किसानों को 100 प्रतिशत मुआवजा देने और दोषी कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र राहत नहीं मिली तो इस वर्ष का खरीफ सीजन पूरी तरह प्रभावित हो सकता है.
* जिलेवार शिकायतें
अकोला 6,078, बुलढाना 2,950, अमरावती 2,602, यवतमाल 2,519, वाशिम 232, कुल 14,381.
* जिलेवार एफआईआर
अमरावती 42, अकोला 14, यवतमाल 13, बुलढाना 6, कुल 75.





