अब ‘सुपर ब्रेन’ के साथ होगी अपराधों की जांच!
हर्ष पोदार के ‘मार्वल’ प्रोजेक्ट को मिली डेढ करोड रूपयों की ताकत

अमरावती/दि.23– महाराष्ट्र पुलिस दल द्बारा की जानेवाली अपराधों की जांच को ऐतिहासिक व अत्याधुनिक बल देने हेतु राज्य सरकार के गृह विभाग द्बारा एक बेहद क्रांतिकारी कदम उठाया गया है. जिसके तहत नागपुर के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक व ‘टेक्नोसेवी’ आयपीएस अधिकारी हर्ष पोदार के संचालकत्व में रहनेवाली मार्वल कंपनी द्बारा विकसित किए जा रहे ‘एआय पॉवर्ड इन्वेस्टिगेशन प्लेटफॉर्म’ नामक अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर के लिए करीब एक करोड 50 लाख रूपयों की निधि मंजूर की गई है. टैक्नॉलॉजी का सटिक प्रयोग कर अपराधियों पर चौकस नजर रखने के लिहाज से इस प्रकल्प को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
अपराध अन्वेशन की पध्दति को बेहद गतिमान व त्रृटिरहित बनाने हेतु इस कृत्रिम बुध्दिमत्ता यानी एआय आधारित प्लेटफॉर्म की निर्मिति की जा रही है. जिसके जरिए पुलिस के लिए डिजिटल साक्ष्यों को तुरंत संकलित करने, अपराधों के तरीकों का सटिक विश्लेषण करने, सीसीटीवी फुटेज व अन्य डेटा की पडताल तुरंत करने का काम कुछ ही पलों में पूरा हो सकेगा. साथ ही अदालती मुकदमों व अन्य संसाधन सामग्री का योग्य संकलन कर मुकदमों को मजबूत करने के लिहाज से भी यह एआय प्लेटफॉर्म पुलिस के लिए बेहद प्रभावी साधन साबित होगा. जिसके जरिए अपराधों की जांच में इंसानी गलतियों को टालते हुए अपराधियों की नकेल कसना आसान हो जायेगा.
* हर्ष पोदार का ही चयन क्यों ?
इस महत्कांक्षी प्रकल्प के लिए नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोदार का चयन होने के पीछे उनकी उच्च प्राविण्यता वाली पार्श्वभूमि है. हर्ष पोदार ने हॉवर्ड विश्वविद्यालय से कृत्रिम बुध्दिमत्ता, सार्वजनिक निधि व नेतृत्व के विषय में मास्टर डिग्री प्राप्त की है तथा पुलिस दल ने तंत्रज्ञान का प्रभावी ढंग से उपयोग करने में उनका योगदान बेहद उल्लेखनीय है. महाराष्ट्र रिसर्च एंड विजीलैन्स फॉर एनहान्स्ड लॉ इन्फार्मेशन यानी मार्वल नामक सरकारी कंपनी के वे संचालक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तौर पर जिम्मा संभाल रहे हैं. नागपुर स्थित भारतीय व्यवस्थापन संस्था के प्रांगण में स्थित इस प्रकल्प के जरिए उनके इस तांत्रिक व प्रशासकीय कौशल्य का फायदा संपूर्ण राज्य पुलिस दल को होनेवाला है. जिसके चलते इस प्रमुख जिम्मेदारी के लिए उनका चयन किया गया.
* प्रकल्प से क्या होगा साध्य?
एआय आधारित इस प्लेटफॉर्म के चलते जांच के दौरान संकलित किए जानेवाले डिजिटल साक्ष्यों सीसीटीवी फुटेज व फोन कॉल रिकार्ड की पडताल कुछ ही सेकंड में करना संभव होगा. अपराधियों की मोडस आपरेंडिव का सटिक विश्लेषण कर पेशेवर अपराधियों की गतिविधियों व नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण हासिल किया जा सकेगा. साथ ही न्यायालयीन मुकदमों व अन्य आवश्यक संसाधान सामग्री का सटिक संकलन कर दस्तावेजों व सबूतों को मजबूत करने हेतु यह एआय प्लेटफॉर्म पुलिस यंत्रणा के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा.





