छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देना दुर्भाग्यपूर्ण
अमरावती दौरे पर आए पालकमंत्री बावनकुले का कथन

* बोले – छात्रों की भावनाओं से सरकार सहमत, लेकिन आंदोलन में राजनीति घुसना चिंता का विषय
अमरावती/दि.23- आज अमरावती के दौरे पर आए राज्य के राजस्व मंत्री एवं अमरावती जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों के आंदोलन और उनकी भावनाओं से सरकार पूरी तरह सहमत है, लेकिन इस आंदोलन को राजनीतिक रंग दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है. मीडिया से बातचीत में मंत्री बावनकुले ने कहा कि उन्हें छात्रों के आंदोलन से कोई आपत्ति नहीं है. लोकतांत्रिक व्यवस्था में विद्यार्थियों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन आंदोलन को राजनीतिक दिशा नहीं मिलनी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि वर्तमान में आंदोलन के पीछे राजनीतिक स्वार्थ दिखाई दे रहे हैं और कुछ लोग इस मुद्दे पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास कर रहे हैं.
इस समय पालकमंत्री बावनकुले का यह भी कहना रहा कि, विद्यार्थियों के आंदोलन को राजनीतिक बनाया जा रहा है. यह आंदोलन अब राजनीतिक मोड़ ले चुका है, जो चिंता का विषय है. छात्रों के प्रश्नों को राजनीतिक मंच बनाने का प्रयास नहीं होना चाहिए. मंत्री बावनकुले के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस विषय पर अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं और केंद्र सरकार ने पेपर लीक जैसी घटनाओं के खिलाफ बेहद सख्त कदम उठाए हैं. सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है. इसके साथ ही उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छात्र और युवा सरकार की भावना को समझेंगे तथा आंदोलन को राजनीतिक स्वरूप नहीं लेने देंगे. हम विद्यार्थियों की भावनाओं से सहमत हैं, लेकिन आंदोलन में राजनीति का प्रवेश चिंताजनक है.
* कर्जमाफी पर भी दिया बड़ा बयान
किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर बोलते हुए मंत्री बावनकुले ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों से कर्जमाफी का वादा किया था और सरकार उस दिशा में लगातार काम कर रही है. उन्होंने बताया कि अब तक राज्य सरकार किसानों को 35 हजार करोड़ रुपये की कर्जमाफी का लाभ दे चुकी है. आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से अन्य पात्र किसानों को भी कर्जमाफी का लाभ दिया जाएगा. साथ ही उनका यह भी कहना रहा कि, सरकार किसानों को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रोत्साहन अनुदान (इंसेंटिव राशि) का वितरण भी सितंबर-अक्टूबर माह के दौरान किए जाने की योजना है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों और युवाओं दोनों के हितों के प्रति संवेदनशील है तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रही है.





