नीट री-एग्जाम के परिणाम से आहत छात्रा ने दी जान

सुसाइड नोट में लिखा, ‘डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया’

* सीजेपी आंदोलन के बाद महाराष्ट्र में हुई पहली आत्महत्या
अहिल्यानगर /दि.27- नीट परीक्षा से जुड़े तनाव के बीच महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में 19 वर्षीय छात्रा अंकिता सांगले ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली. घटना के बाद मिले सुसाइड नोट में छात्रा ने परीक्षा में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने से मानसिक तनाव में होने का उल्लेख किया है. उसने लिखा कि डॉक्टर बनने का उसका सपना अधूरा रह गया. पुलिस के अनुसार, रविवार को अंकिता अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी. काफी देर तक कमरे से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर परिजनों ने दरवाजा खोला, जहां वह मृत अवस्था में मिली. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.
* सुसाइड नोट में परिवार को बताया निर्दोष
पुलिस को मिले सुसाइड नोट में अंकिता ने लिखा कि री-एग्जाम में उसे 166 अंक प्राप्त हुए, जबकि कटऑफ 177 अंकों तक पहुंच गया था. उसने स्पष्ट रूप से लिखा कि उसके इस कदम के लिए माता-पिता और भाई को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाए. नोट में उसने अपने भाई से माता-पिता का ख्याल रखने की अपील करते हुए लिखा कि परिवार ने उसके लिए बहुत त्याग किया, लेकिन वह उनका सपना पूरा नहीं कर सकी.
* पहले परीक्षा में आए थे अच्छे अंक
परिजनों के अनुसार अंकिता ने नीट परीक्षा की गंभीर तैयारी की थी और प्रारंभिक परीक्षा में उसके अच्छे अंक आए थे. लेकिन परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं, पुनर्परीक्षा और उसके बाद घोषित परिणामों ने उसे मानसिक रूप से झकझोर दिया. परिवार का कहना है कि री-एग्जाम के परिणाम आने के बाद वह काफी निराश और तनावग्रस्त रहने लगी थी.
* नीट विवाद के बाद बढ़ी चिंता
देशभर में नीट परीक्षा को लेकर चले विवाद, पेपर लीक और पुनर्परीक्षा के मुद्दों ने लाखों विद्यार्थियों को प्रभावित किया है. इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा 36 दिनों तक आंदोलन भी चलाया गया था, जो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ.
* गुजरात में भी सामने आया था मामला
इससे पहले 18 जून को गुजरात के सूरत में 17 वर्षीय छात्र कहान पटेल ने भी आत्महत्या कर ली थी. परिजनों का आरोप था कि नीट परीक्षा और पेपर लीक प्रकरण से जुड़ा तनाव उसके मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहा था.
* छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल
अंकिता की मौत के बाद एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव, परीक्षा प्रणाली में अनिश्चितता और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बहस तेज हो गई है. शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा परिणामों से जुड़ी निराशा से जूझ रहे विद्यार्थियों के लिए प्रभावी काउंसिलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता तंत्र विकसित करना समय की आवश्यकता है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा सुसाइड नोट की भी जांच की जा रही है. अंकिता की मृत्यु से क्षेत्र में शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं.

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