प्रत्येक छात्र को 5 लाख मुआवजा दे सेंट्रल किचन कंपनी

टिटंबा आश्रमशाला विषबाधा प्रकरण

* भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुखदेव पवार की मांग
अमरावती/दि.28 – टिटंबा स्थित आश्रम स्कूल में दूषित भोजन खाने से बीमार हुए प्रत्येक छात्र को शारीरिक और मानसिक क्षति के लिए संबंधित सेंट्रल किचन कंपनी द्वारा 5 लाख की अनुग्रह सहायता तत्काल दी जाए. यह मांग भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा, अमरावती ग्रामीण के जिलाध्यक्ष सुखदेव पवार ने की है.
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के आदिवासी विकास मंत्री ने आश्रम स्कूल का दौरा कर विद्यार्थियों का हालचाल जाना, उनके प्रति संवेदना व्यक्त की और उनकी समस्याओं को समझा. लेकिन अब केवल संवेदना व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों की जिम्मेदारी तय कर पीड़ित विद्यार्थियों को न्याय दिलाना भी आवश्यक है. सुखदेव पवार ने कहा कि 25 जुलाई का दिन टिटंबा आश्रम स्कूल के विद्यार्थियों के जीवन का एक काला दिन बन गया है, जिसे मेलघाट की जनता लंबे समय तक नहीं भूलेगी. आदिवासी परिवार अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद से आश्रम स्कूलों में भेजते हैं. ऐसे में पौष्टिक, ताजा और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना संबंधित संस्था और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि सेंट्रल किचन कंपनी की लापरवाही के कारण विद्यार्थियों को दूषित भोजन परोसा गया, जिससे कई बच्चों को तेज पेट दर्द, उल्टियां और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा. इस घटना से विद्यार्थियों को न केवल शारीरिक कष्ट हुआ, बल्कि उनके मन में अपने जीवन को लेकर भय और मानसिक आघात भी उत्पन्न हुआ.
पवार ने मांग की कि उपजिला अस्पताल में उपचाररत 70 विद्यार्थियों को प्रत्येक के बैंक खाते में 5 लाख की अनुग्रह सहायता तत्काल जमा कराई जाए तथा इस पूरी घटना की नैतिक और आर्थिक जिम्मेदारी संबंधित सेंट्रल किचन कंपनी पर तय की जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई तो मेलघाट के अभिभावकों का आश्रम स्कूलों की भोजन व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा. परिणामस्वरूप वे अपने बच्चों को आवासीय आश्रम स्कूलों में भेजने से परहेज करेंगे, जिससे आदिवासी विद्यार्थियों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. इसलिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए पीड़ित विद्यार्थियों को शीघ्र न्याय दिलाया जाए.

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