बाल संसद चुनाव के जरिए एसआईआर जागरूकता का अनोखा प्रयोग
मनपा स्कूल जेवड का अभिनव उपक्रम बना मिसाल

अमरावती /दि.28– लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने, विद्यार्थियों को चुनाव प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी देने तथा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन अभियान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अमरावती महानगरपालिका प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय, जेवड में बाल संसद चुनाव का सफल आयोजन किया गया. इस अभिनव पहल के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वयं चुनाव प्रक्रिया में भाग लेकर एसआईआर का संदेश अपने अभिभावकों तक पहुंचाया. इस पहल की विभिन्न स्तरों पर सराहना की जा रही है.
चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत 17 जुलाई को हुई. मतदाता सूची का प्रकाशन, नामांकन पत्र दाखिल करना, नामांकन की जांच, नाम वापसी, चुनाव चिन्हों का आवंटन, प्रचार, आचार संहिता की जानकारी, मतदान, मतगणना तथा 30 जुलाई को शपथ ग्रहण एवं विभागों का आवंटन जैसी संपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का विधिवत संचालन किया गया. इस चुनाव में प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री, पुस्तकालय मंत्री, स्वच्छता मंत्री, अनुशासन मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, सांस्कृतिक मंत्री, पर्यावरण मंत्री और खेल मंत्री जैसे पदों के लिए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक चुनाव लड़ा.
विशेष बात यह रही कि मतदान अधिकारी, केंद्राध्यक्ष, पंजीकरण अधिकारी तथा मतदाताओं की उंगली पर स्याही लगाने जैसे सभी दायित्व भी विद्यार्थियों ने स्वयं निभाए. इससे उन्हें लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ. इस उपक्रम का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों में एसआईआर प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना था. विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता तक यह संदेश पहुंचाया कि यदि मतदाता सूची में नाम नहीं होगा, तो मतदान का अधिकार नहीं मिलेगा. इसलिए एसआईआर प्रक्रिया में समय पर भाग लेना आवश्यक है. इस पहल से आसपास के क्षेत्र में भी एसआईआर अभियान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली.
पूरे कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रशांत नालसे के मार्गदर्शन में श्याम गोंगे, शिरीष फसाटे, जितेंद्र चवरे, सीमा शिरभाते, प्रिया मारोडकर, भूषण वाघ, आकाश पोंगले और सुनील डहाके ने किया. वहीं विद्यालय में बीएलओ और सहायक के रूप में कार्यरत किरण नालिंदे, वैशाली बुटे, चंचल दातीर, हर्षा दिवे, पुष्पा कोरडे, सोनाली चापके, किरण शेंडे, वर्षा यावलकर और मंगला अग्रवाल ने भी इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान में सक्रिय भूमिका निभाकर जनजागरूकता को सफल बनाया. लोकतांत्रिक मूल्यों को व्यवहारिक रूप से समझाने और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाला यह अभिनव उपक्रम अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है.





