कांडली-कविठा मार्ग की दयनीय अवस्था से ग्रामवासी परेशान

प्रशासन की अनदेखी से नागरिकों में तीव्र असंतोष

परतवाड़ा/दि.30- अमरावती जिले की सबसे विवादित ग्राम पंचायतों में शुमार कांडली ग्राम पंचायत क्षेत्र (मेलघाट विधानसभा) का पांडुरंग नगर राऊत ले-आउट कविठा मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. ‘क’ वर्ग तीर्थ क्षेत्र लाखनवाड़ी को जोड़ने वाले इस मुख्य मार्ग से रोजाना हजारों श्रद्धालु और ग्रामीण गुजरते हैं, लेकिन पिछले 15 वर्षों से यह रास्ता पूरी तरह उपेक्षित है.
सड़क पर इतने बड़े और गहरे गड्ढे हो चुके हैं कि बारिश के पानी से वे स्विमिंग पूल जैसे नजर आने लगे हैं. पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो चुका है. इतना ही नहीं तो यहां 400 मीटर सड़क के लिए 300 फोन, फिर भी विकास शून्य नजर आता है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे नियमित रूप से ग्राम पंचायत को सभी कर (टैक्स) चुकाते हैं, लेकिन विकास के नाम पर नतीजा शून्य है. मात्र 400 मीटर के इस रास्ते की मरम्मत के लिए ग्रामीणों ने अब तक 300 से अधिक फोन कॉल और सैकड़ों शिकायतें की हैं, पर कोई सुनवाई नहीं हुई.
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जहां पहले से ही सड़कें बनी हुई हैं, वहां बार-बार सीमेंट रोड क्यों बनाए जा रहे हैं? जबकि इस जर्जर रास्ते पर साधारण गिट्टी डालने तक के लिए निधि न होने का बहाना बनाया जाता है. रास्ते पर इतना कीचड़ और मलबे का साम्राज्य है कि दोपहिया व चारपहिया वाहनों का चलना तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो गया है. स्कूली वैन और ऑटो चालकों ने कीचड़ के कारण कॉलोनियों के अंदर जाना बंद कर दिया है. इसके चलते मासूम छात्रों को रोजाना कीचड़ में फिसलते और गिरते-संभलते मुख्य मार्ग तक बैन पकड़ने जाना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि उनकी स्थिति जंगलों में रहने वालों से भी बदतर हो गई है.

* विधायक और प्रशासन की अनदेखी, कीचड़ में बैठकर आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर तीन बार स्थानीय विधायक केवलराम काले को भी अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है. जब भी ग्राम पंचायत प्रशासन से मुरुम डालने की मांग की जाती है, तो टालमटोल वाले जवाब दिए जाते हैं. कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा यह तक कह दिया जाता है कि ‘यहां वोटर नहीं हैं, इसलिए रास्ते और नालियां नहीं बनेंगी.’ प्रशासन के इस रवैये से नाराज आदिवासी पर्यावरण सामाजिक संगठन के अध्यक्ष योगेश खानझोडे और स्थानीय निवासियों ने ग्राम पंचायत सचिव को अंतिम चेतावनी दी है. योगेश खानझोडे ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत का काम शुरू नहीं किया गया, तो नागरिक सड़क के इन्हीं कीचड़ भरे गड्डों में बैठकर उग्र आंदोलन करेंगे.

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