45 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए विभागीय वन अधिकारी दबोचा
डीपीसी बैठक समाप्त होते ही घर बुलाकर स्वीकारी रकम

* एसीबी की कार्रवाई
बीड /दि.1– उपमुख्यमंत्री तथा पालकमंत्री सुनेत्रा पवार की उपस्थिति में हुई जिला नियोजन समिति की बैठक समाप्त होने के बाद कुछ ही समय में 45 लाख रुपए की रिश्वते लेते हुए सामाजिक वणिकरण विभागीय के विभागीय वन अधिकारी श्रीनिवास लिंगन्ना लखमावाड को छत्रपति संभाजीनगर एसीबी विभाग के दल ने रंगेहाथ पकड लिया. कार्रवाई के बाद उसे बीड के एसीबी कार्यालय में लाया गया. शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में देर रात मामला दर्ज किया गया.
एसीबी की जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता यह वनपरिक्षेत्र अधिकारी है. पौधारोपण की निधि वितरीत करने, निलंबन का प्रस्ताव आगे न भेजने, दो वेतन वृद्धि के प्रकरण का निपटारा करने और नर्सरी जांच में सहयोग करने के लिए लखमावाड ने 45 लाख रुपए रिश्वत की मांग की थी. 29 जुलाई को शिकायत प्राप्त होने के बाद एसीबी ने मामले की जांच कर जाल बिछाया. शुक्रवार 31 जुलाई को दोपहर में शिकायतकर्ता 5 लाख रुपए असली और शेष 40 लाख रुपए नकली नोट लेकर आरोपी के घर पहुंचा. रिश्वत की रकम स्वीकारते ही जाल बिछाकर बैठे एसीबी के दल ने उन्हें रंगेहाथ पकड लिया. पश्चात आरोपी को कब्जे में लेकर बीड एसीबी कार्यालय लाया गया.
2016 के एमपीएससी के टॉपर रिश्वतखोर श्रीनिवास लिंगन्ना लखमावाड यह मूल नांदेड जिले के धर्माबाद तहसील के रत्नाडी गांव के रहने वाले है. 10 वीं तक नांदेड में शिक्षा लेने के बाद वे बीटेक इंजिनियर बने. महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की तरफ से 2016 में ली गई महाराष्ट्र वनसेवा परीक्षा में वे राज्य से अनुसूचित जनजाति से प्रथम आये है. खूद पर विश्वास, लगातार प्रयास, कष्ट करने की तैयारी रही तो किसी भी कठिनाईयों का सामना किया जा सकता है. ऐसा उन्होंने एमपीएससी से चयन होने के बाद कहा था.





