आश्रम शाला अधीक्षक व किचन ठेकेदार की ऑडियो क्लिप से मचा हडकंप
निलंबित अधीक्षक ने दी आत्मदाह की चेतावनी

अमरावती/दि.1 – मेलघाट को टिटंबा, सावलीखेडा व वीजूधावडी की आदिवासी आश्रम शालाओं में विद्यार्थियों को भोजन के जरिए विषबाधा होने के मामले ने अब एक और सनसनीखेज मोड लिया है. इस मामले को लेकर टिटंबा आश्रम शाला के अधीक्षक संदीप गोले, व सेंट्रल किचन के ठेकेदार के बीच हुए कथित संवाद की ऑडियो क्लिप गत रोज सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई. जिसे सुनने के बाद इस मामले में कुछ अलग ही गडबढ रहने की संभावना निर्माण हुई है. जिसे ध्यान में रखते हुए अमरावती के आदिवासी अपर आयुक्त संदीप गोलाईत ने इस मामले की गंभीर दखल ली है.
केवल तीन आश्रमशालाओं में ही विषबाधा कैसे ?
सेंट्रल किचन ठेकेदार के पास मेलघाट की कुल 9 आदिवासी आश्रम शालाओं में भोजन आपूर्ति करने का ठेका था. ऐसे में एक ही दिन एक साथ तैयार हुए भोजन की वजह से केवल तीन आश्रम शालाओं के विद्यार्थियों को ही विषबाधा कैसे हुई और शेष 6 आश्रम शालाओं में रहनेवाले बच्चों को उसी भोजन की वजह से कोई फर्क कैसे नहीं पडा. यह अब अपने आप में संशोधन का विषय हो चला है. साथ ही अब सोशल मीडिया पर वायरल हुई ऑडियो क्लिप के चलते यह सवाल उपस्थित हो रहा है कि इस पूरे मामले के पीछे वाकई भोजन की गुणवत्ता भी कारण है. या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी जुडी हुई है. हालांकि इसी दौरान इस घटना की गंभीर दखल ेलेते हुए ‘ट्रायबल’ ने सेंट्रल किचन के ठेके को तत्काल रद्द कर दिया और अब पुलिस इस बात को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है कि कहीं आश्रम शाला में 70 विद्यार्थियों को हुई विषबाधा के पीछे अधीक्षक का तो कोई कनेक्शन नहीं है.
* अधीक्षक गोले ने शुरू किया धरना आंदोलन
इस विषबाधा मामले को लेकर कर्तव्य में कोताही का आरोप लगाते हुए टिटंबा के आदिवासी आश्रम शाला के अधीक्षक संदीप गोले को प्रशासन द्बारा आनन फानन में निलंबित कर दिया गया. परंतु अपने खिलाफ की गई निलंबन की कार्रवाई के विरोध में संदीप गोले ने बेहद आक्रामक कदम उठाते हुए अमरावती आदिवासी विकास विभाग के अपर आयुक्त कार्यालय के समक्ष धरना आंदोलन करना शुरू कर दिया है. साथ ही न्याय नहीं मिलने परे जिलाधीश कार्यालय के समक्ष आत्मदहन आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है. अपना पक्ष रखते हुए निलंबित अधीक्षक संदीप गोले ने प्रशासन की कार्रवाई पर तीव्र आक्षेप जताया है और कहा है कि जिस दिन आश्रम शाला में विषबाधा की घटना घटित हुई. उस दिन वे सरकारी काम के निमित्त अदालत में हाजिर थे. ऐसे में आदिवासी आश्रम शाला में उनकी उपस्थिति नहीं रहने के बावजूद भी उन्हें इस घटना के जिम्मेदार मानकर निलंबित किया गया है. ऐसे में यह आदेश पूरी तरह से गलत व अन्यायकारक है.
* मीडिया एवं सोशल मीडिया में वायरल हुई ऑडियों क्लिप बेहद सनसनीखेज है. इस संदर्भ में जल्द ही आवश्यक जांच पडताल करते हुए कोई ठोस निर्णय लिया जायेगा. निलंबित अधीक्षक संदीप गोले द्बारा शुरू किए गये अनशन की जानकारी से वरिष्ठों को अवगत करा दिया है.
संदीप गोलाईत,
अपर आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग
अमरावती





