चिखलदरा को पर्यटन हब बनाने के निर्देश
जरूरतमंद कलाकारों का मानधन जल्द जारी हो

* विधानसभा आश्वासन समिति के अध्यक्ष विधायक रवि राणा की संबंधितों को सूचना
अमरावती/दि.5 – महाराष्ट्र विधानसभा आश्वासन समिति के अध्यक्ष रवि राणा ने विदर्भ के प्रमुख पर्यटन स्थल चिखलदरा के समग्र विकास, ऐतिहासिक गविलगढ़ और नरनाला किलों के संरक्षण तथा जरूरतमंद कलाकारों के लंबित मानधन का शीघ्र वितरण करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए हैं. मंत्रालय में आयोजित समिति की बैठक में उन्होंने कहा कि अमरावती जिले को पर्यटन के क्षेत्र में विशेष पहचान दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.
बैठक में वर्ष 2015 से लंबित कलाकार मानधन प्रस्तावों की समीक्षा की गई. समिति ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक जिले में 100 पात्र एवं जरूरतमंद कलाकारों की पहचान कर जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा के आधार पर उनके प्रस्तावों की जांच कर मानधन का जल्द वितरण किया जाए. साथ ही जरूरतमंद कलाकार की स्पष्ट परिभाषा और पात्रता के मानदंड तय करने के भी निर्देश दिए गए. पर्यटन विकास को लेकर समिति ने चिखलदरा के विश्वप्रसिद्ध स्कायवॉक, जंगल सफारी, प्राचीन गविलगढ़ किला और नरनाला किला का विकास तेज करने, पर्यटकों के लिए बेहतर आवास और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा स्थलों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर विकास योजना तैयार करने के निर्देश दिए.
विधायक रवि राणा ने कर्जत के एनडी फिल्म स्टूडियो और दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी की तर्ज पर चिखलदरा में फिल्म स्टूडियो स्थापित करने का सुझाव भी दिया. साथ ही पर्यटन ब्रांड एंबेसडर नवेली देशमुख को चिखलदरा-धारणी क्षेत्र में जाकर पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया के माध्यम से करने के निर्देश देने की बात कही, ताकि देशभर में इस पर्यटन स्थल की पहचान बढ़ सके. समिति ने ऐतिहासिक किलों की सुरक्षा, संरक्षण और रखरखाव के लिए पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति, दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया. इसके अलावा गोरेगांव फिल्म सिटी का 15 दिनों के भीतर प्रत्यक्ष निरीक्षण कर विकास कार्यों और अतिक्रमण संबंधी विस्तृत रिपोर्ट समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए. बैठक में समिति के सदस्य विधायकों के साथ पर्यटन, सांस्कृतिक कार्य, पुरातत्व, एमटीडीसी और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. समिति ने सभी विभागों को लंबित आश्वासनों पर तय समयसीमा में कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए.





