चिचाटी जलप्रपात के लिए ‘निसर्ग सहल’ शुरू

दो सप्ताह में 600 से अधिक पर्यटक पहुंचे

* 20 स्थानीय युवाओं को मिला रोजगार
अमरावती/दि.8 – मेलघाट प्रादेशिक वन विभाग, परतवाड़ा के अंतर्गत घटांग वन परिक्षेत्र के चिचाटी गांव स्थित प्रसिद्ध चिचाटी जलप्रपात के लिए मार्गदर्शित निसर्ग भ्रमण यानी ‘निसर्ग सहल’ शुरू की गई है. 25 जुलाई से शुरू हुए इस उपक्रम को पर्यटकों का शानदार प्रतिसाद मिल रहा है. महज दो सप्ताह में 600 से अधिक पर्यटक इस निसर्ग भ्रमण का आनंद ले चुके हैं. खास बात यह है कि इस पहल के माध्यम से चिचाटी गांव के 20 स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार उपलब्ध हुआ है.
* 4 किमी का है निसर्गरम्य मार्ग
निसर्गप्रेमियों की पिछले कई वर्षों से चली आ रही मांग तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह निसर्ग सहल शुरू की गई है. चिचाटी ग्रामसभा के प्रस्ताव और मेलघाट प्रादेशिक वन विभाग के मार्गदर्शन में पूरे उपक्रम का प्रबंधन संयुक्त वन प्रबंधन समिति, चिचाटी द्वारा किया जा रहा है. चिचाटी गांव से जलप्रपात तक करीब 4 किलोमीटर का मार्ग घने जंगल, हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है. यही वजह है कि यह ट्रेल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है.
* पर्यटकों का उत्साहजनक प्रतिसाद
25 जुलाई से शुरू हुए इस उपक्रम को प्रकृति प्रेमियों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है. कुछ ही दिनों में 600 से अधिक पर्यटक यहां पहुंच चुके हैं. इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं.
* गाइड के साथ जाना अनिवार्य
प्रकृति भ्रमण का आनंद लेने के लिए पर्यटकों को संयुक्त वन प्रबंधन समिति के पास पंजीयन कराना अनिवार्य है. पर्यटकों की सुरक्षा और उन्हें वन क्षेत्र की सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए चिचाटी गांव के स्थानीय प्रकृति गाइड के साथ जाना भी अनिवार्य किया गया है. निसर्ग सहल के लिए प्रति व्यक्ति 200 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए धारणी और चिखलदरा तहसील के स्थानीय नागरिकों के लिए यह शुल्क रियायती दर पर 100 रुपये रखा गया है. इस शुल्क में स्थानीय प्रकृति गाइड का मानधन भी शामिल है.
* अमरावती से ऐसे पहुंचे चिचाटी
अमरावती से चिचाटी जलप्रपात पहुंचने के लिए अमरावती-परतवाड़ा-धामणगांव गढ़ी-देवगांव-चिचाटी मार्ग से पहुंचा जा सकता है. वन विभाग और संयुक्त वन प्रबंधन समिति की ओर से अधिक से अधिक प्रकृति प्रेमियों से इस निसर्ग सहल का लाभ लेने की अपील की गई है. इस पहल से मेलघाट में प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और ग्रामीण क्षेत्र में आय का नया साधन उपलब्ध हुआ है.

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