बधीर बच्चों के लिए फंड का प्रावधान करें
श्रवणदोष के बच्चे और अभिभावक पहुंचे कलेक्ट्रेट

* कॉक्लीअर इंप्लांट का मेंटेंनस खर्च
अमरावती/दि.11 – श्रवणदोष के बच्चों का सरकार की कल्याणकारी योजना अंतर्गत कॉक्लीअर इंप्लांट लगाया जा रहा है. इसके बाद भी इस श्रवण यंत्र के रखरखाव और बच्चों के समय-समय पर मेडिकल जांच की जरुरत पडती है. इसलिए रखरखाव का अलग से प्रावधान किए जाने की मांग आज दोपहर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे बधीर बच्चों और उनके माता-पिता ने की. दर्जनों की संख्या में बच्चे और माता-पिता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे. नेतृत्व श्रवणदोष निवारण कृति समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण मोरे और सचिव राम शिंदे ने किया.
इस समय समिति के सर्वश्री जयप्रकाश मुले, चंदन सूर्यवंशी, आतिष साहू, रुपेश ढोके, सुमीत ठाकरे, सतीश राऊत, आकाश काले, मनीष तायवाडे, स्वप्नील खडसे, दिनेश दोड, भारत मोहोड, दिगंबर शुक्ला, शालू खानंदे, एकता राजपूत, प्रणिता मोहोड, दिव्या साहू, रोशनी बहाले, भाग्यश्री कदम, पायल ठाकरे, मंजू देशमुख, रोशनी काले, निकिता खांडकुरे, शारदा कलाने, मीनल चिमोटे, भारती रावेकर, मनीषा प्रवीण, सारिका राठोड, रुचिका राऊत, प्रिया मेटांगे, जयश्री चानप, चेतना सवई, संगीता गवई, नेहा शुक्ला, शिबा खान, आयशा अंजुम, शिरीन कौसल, वैशाली भुयार, प्रांजली शिंदे, चित्रा घटी, सरिता जाधव, शुभांगी सूर्यवंशी आदि की उपस्थिति रही.
कलेक्टर को दिए गए निवेदन में गुहार लगाई गई कि, श्रवणदोष के व्यक्ति हेतु अलग से फंड आरक्षित किया जाए. कॉक्लीअर इंप्लांट लगाने के बाद भी उसके रखरखाव का खर्च होता है. समय के साथ प्रोसेसर बदलना भी परिवार के लिए बडा खर्चीला रहता है. नागपुर जिले में इस तरह की निधि आरक्षित की गई है. अत: अमरावती में भी 15 लाख रुपए की राशि आरक्षित की जाएं. श्रवणदोष वाले व्यक्ति, बच्चे भी जिलाधिकारी कार्यालय आए थे. उनके चेहरे की बेबसी ने उपस्थितों को द्रवित कर दिया था.