बुजुर्ग दंपति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ से बचाया

फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर दी थी गिरफ्तारी की धमकी

* बैंक खाते और निवेश की जानकारी भी ली
अमरावती/दि.12 – शहर साइबर पुलिस की सतर्कता से 82 वर्षीय बुजुर्ग दंपति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जाल में फंसने से बचा लिया गया. आरोपियों ने बुजुर्ग को फोन कर खुद को पुलिस अधिकारी बताया और उनके नाम पर नासिक केनरा बैंक में खाता होने तथा उसका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग, साइबर फ्रॉड और देशविरोधी गतिविधियों के लिए किए जाने का दावा किया. घटना 10 अगस्त की है.
शिवछाया कॉलोनी निवासी विजय डाखोड़े (82) को फोन करने वाले व्यक्ति ने उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी दी. इसके बाद दिनभर मानसिक दबाव बनाकर उनसे उनके बैंक खातों, आभूषणों, एफडी और अन्य निवेशों की जानकारी हासिल की गई. जब आरोपी ने पैसे ट्रांसफर करने को कहा, तब दखोड़े को संदेह हुआ. डरे हुए विजय डाखोड़े और उनकी पत्नी जयश्री ने मामले की जानकारी अपने दामाद मंगेश देशमुख को दी. इसके बाद उन्होंने साइबर पुलिस स्टेशन के हेड कांस्टेबल निखिल माहुरे से संपर्क किया. सूचना मिलते ही साइबर पुलिस का दल पुलिस निरीक्षक महेंद्र अंभोरे और सहायक पुलिस निरीक्षक अनिकेत कासार के साथ राजापेठ थानेदार संदीप चव्हाण के सहयोग से डाखोड़े के घर पहुंची. पुलिस ने दंपति की काउंसलिंग करते हुए उन्हें समझाया कि वे साइबर ठगी के प्रयास का शिकार हो रहे हैं. समय रहते पुलिस के हस्तक्षेप से दंपति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के झांसे से बाहर निकाला गया और उनकी बड़ी आर्थिक क्षति टल गई.
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में अमरावती साइबर पुलिस और राजापेठ पुलिस द्वारा की गई. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि फोन पर कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर गिरफ्तारी की धमकी दे और पैसे अथवा बैंक संबंधी जानकारी मांगे तो घबराएं नहीं और तुरंत पुलिस से संपर्क करें.

Back to top button