डीपीसी के 85 कामों को रोक रखा मिनी मंत्रालय ने
50 करोड के विकास कामों पर अघोषित रोक

* टेंडर प्रक्रिया के बाद नामालूम कारणों से अटकाए गए विकास कार्य
* मनमाने नियम लगाने का भी आरोप
अमरावती/दि.13 – जिला परिषद में जिला नियोजन समिति से मंजूर दो वित्त वर्ष के करीब 50 करोड के विकास कामों को प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया करने के बाद रोक रखा है. जिसमें दो चरणों में 41 और 44 कामों का समावेश रहने की जानकारी देते हुए सूत्रों ने दावा किया कि, प्रशासन टेंडर और काम रोके जाने की वजह भी नहीं बता रहा. नामालूम कारणों से विकास कार्य अटकाए जाने से गांवों में शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी बढने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता.
* डीपीसी से मंजूर, फंड भी आवंटित
सूत्रों ने अमरावती मंडल को बताया कि, जिला नियोजन समिति से वित्त वर्ष 2025-26 और वित्त वर्ष 2026-27 में गांव-देहातों की सडकों के काम के अतिरिक्त विकास कार्य मंजूर किए गए. उसका फंड भी मिनी मंत्रालय को आवंटित कर दिया गया. अनेकानेक कामों के टेंडर मिनी मंत्रालय के संबंधित विभागों ने मंगवाए. टेंडर प्रक्रिया पूर्ण की गई. प्रक्रिया को 4-6 माह बीत जाने के बाद भी वर्क ऑर्डर नहीं किए गए हैं.
* नहीं बताते वजह
पिछले वित्त वर्ष में 41 और नए चालू वित्त वर्ष के 44 कामों की निविदा प्रक्रिया करने के बाद उन्हें खोला नहीं जा रहा. इस संबंध में ठेकेदारों और लोगों ने बांधकाम विभाग की अभियंता वंजारी से कारण पूछना चाहा, तो कोई वजह नहीं बताई जा सकी. जबकि सैकडों ठेकेदार निविदा प्रक्रिया पूर्ण किए जाने का इंतजार कर रहे हैं. कई ठेकेदार ऐसे है, जो जिला परिषद के ठेकों पर ही निर्भर होते हैं. उनका यह भी कहना है कि, जनप्रतिनिधि अपना पूरा जोर लगाकर अपने क्षेत्र के सडक आदि के विकास कार्य मंजूर करवाते है. प्रस्ताव बनाने से लेकर डीपीडीसी में उसे मंजूर करवाने तक बडी मशक्कत करते है. उसके बावजूद जिला परिषद प्रशासन इस प्रकार कामों में अडंगा लगा देता है.
* पिछले माह के कार्य मंजूर और वर्क ऑर्डर
पिछले माह के कुछ नए कार्य जिला परिषद ने मंजूर किए है. उसकी निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर वर्क ऑर्डर जारी किए जाने की जानकारी देते हुए बताया गया कि, पुराने टेंडर्स पर जिला प्रशासन विशेषकर निर्माण विभाग बात नहीं कर रहा. जबकि नए कामों को मंजूरी देकर उन्हें वर्क ऑर्डर दिया गया है, काम शुरु हो गए हैं. पुराने कामों में ही वजह बताए बगैर अडंगा लगाया जाने का आरोप किया गया.
* सीईओ ने नहीं उठाया कॉल
इस संबंध में अमरावती मंडल में 50 करोड के 85 कामों को लटकाए जाने की मुख्य वजह और बातें जानने के लिए सीईओ सत्यम गांधी से संपर्क करने का प्रयत्न किया. उन्होंने कॉल का उत्तर नहीं दिया. किंतु निर्माण विभाग की कार्यकारी अभियंता नीला वंजारी मैडम ने कॉल रिसीव कर जानकारी दी.
* हॉटमिक्स प्लांट का संभ्रम
मिनी मंत्रालय ने हॉटमिक्स प्लांट संचालकों को लेकर भी संभ्रम पैदा कर दिया है. एक ओर ठेकेदार के पास प्लांट होना अनिवार्य बताया गया है. दूसरी ओर जिनके नाम से प्लांट है, उनका टेंडर रद्द हो जाता है, तो उस प्लांट पर आधारित दूसरे ठेकेदार की निविदा भी खतरे में आ जाने की आशंका बताई जा रही है. जबकि अधिकारी और अभियंता इस बारे में खुलासा नहीं कर पार रहे हैं.
* प्रक्रिया शुरु, फाइनांसियल बिड शीघ्र खोली जाएगी
जिप कार्यकारी अभियंता नीला वंजारी ने अमरावती मंडल से चर्चा दौरान बताया कि, 90-95 कामों के टेंडर जारी किए गए थे. टेंडर ओपन कर लिए गए हैं. उनके तकनीकी ऑफर्स खोल लिए गए हैं. प्रक्रिया चल रही है. फाइनांसियल बिड भी चार-पांच दिनों में खोली जाएगी. उपरांत आगे की कार्यवाही होगी. अभियंता वंजारी ने बताया कि, कोई नई शर्त नहीं जोडी गई है.





