बुलढाणा के युवक का अमरावती में हाईवोल्टेज प्रदर्शन, मोबाइल टावर पर चढ़कर आंदोलन
आत्महत्या की चेतावनी से प्रशासन में हड़कंप

* सारंगपुर ग्रामपंचायत के कथित गैरकारभार के विरोध में उठाया कदम
* ग्रामपंचायत के रिकॉर्ड सील करने, जांच कराने और पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की मांग
अमरावती/दि.14 – बुलढाणा जिले के मेहकर तालुका स्थित सारंगपुर ग्रामपंचायत के कथित मनमाने और गैरजिम्मेदाराना कामकाज के विरोध में एक युवक ने अमरावती में मोबाइल टावर पर चढ़कर आंदोलन शुरू कर दिया. घटना के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही पुलिस, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा आंदोलनकारी को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए गए.
जानकारी के अनुसार आंदोलनकारी युवक की पहचान गजानन बोरकर के रूप में हुई है, जो यशवंत सेना से जुड़ा हुआ बताया गया हैं. बोरकर ने आरोप लगाया है कि सारंगपुर ग्रामपंचायत में लंबे समय से अनियमितताएं, गैरकारभार और नागरिक सुविधाओं की उपेक्षा की जा रही है. इन मामलों को लेकर बोरकर ने पूर्व में विभागीय आयुक्त सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष शिकायतें भी दर्ज कराई थीं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्होंने यह कदम उठाने का निर्णय लिया.
* सातुर्णा परिसर में मोबाइल टावर पर चढ़ा
मंगलवार को गजानन बोरकर अमरावती शहर के सातुर्णा क्षेत्र में स्थित एक मोबाइल टावर पर चढ़ गया. बताया जाता है कि वह करीब 50 फीट ऊंचाई तक पहुंच गया और वहीं से अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस बीच मोबाइल टावर पर एक व्यक्ति के चढ़ने की सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई. घटना की खबर फैलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आंदोलनकारी के पास एक रस्सी भी थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई. इससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई और तत्काल बचाव एवं समझाइश के प्रयास शुरू किए गए.
* आत्महत्या की चेतावनी से बढ़ी चिंता
आंदोलनकारी गजानन बोरकर ने कथित रूप से चेतावनी दी कि यदि उसे जबरन नीचे उतारने का प्रयास किया गया या उसकी मांगों को अनसुना किया गया, तो वह टावर पर ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेगा. इस चेतावनी के बाद पुलिस और प्रशासन ने अत्यंत सतर्कता बरतते हुए स्थिति को संभालने की कोशिश शुरू की. अधिकारियों ने आंदोलनकारी से संवाद स्थापित कर उसे शांत करने और सुरक्षित नीचे आने के लिए समझाने का प्रयास किया. घटना को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही नियंत्रित की गई तथा किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा घेरा बनाया गया.
* क्या हैं आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें?
गजानन बोरकर और उनके समर्थकों ने सारंगपुर ग्रामपंचायत से जुड़े कई मुद्दों को उठाया है. उनका आरोप है कि ग्रामपंचायत के कामकाज में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और संबंधित अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं कि सारंगपुर ग्रामपंचायत के सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अभिलेखों को तत्काल सील किया जाए. ग्रामपंचायत के रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन विशेष कार्रवाई करे. सरपंच, ग्रामसेवक, गटविकास अधिकारी और विस्तार अधिकारी ने अपने कर्तव्यों का पालन किया या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए. कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. गांव की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान किया जाए. नागरिकों को नियमित और पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए.
* विभागीय आयुक्त से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
आंदोलनकारी गजानन बोरकर का कहना है कि उन्होंने ग्रामपंचायत से जुड़े मुद्दों की शिकायत पहले ही विभागीय आयुक्त सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दी थी. शिकायतों में ग्रामपंचायत के कामकाज, विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए थे. बोरकर का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण उन्हें विरोध का यह कठोर रास्ता अपनाना पड़ा. हालांकि प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. अधिकारियों का कहना है कि पहले आंदोलनकारी को सुरक्षित नीचे उतारना प्राथमिकता है, उसके बाद उनकी शिकायतों की जांच की जाएगी.
* पुलिस और प्रशासन की बढ़ी सतर्कता
स्वाधीनता दिवस से ठीक एक दिन पहले घटित इस घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने मौके पर विशेष निगरानी रखी हुई है. अधिकारियों की कोशिश है कि आंदोलनकारी को शांतिपूर्वक नीचे उतारा जाए और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो. सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ अधिकारी भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. आंदोलनकारी से लगातार संवाद स्थापित कर उनकी मांगों को सुनने और उचित स्तर पर पहुंचाने का आश्वासन दिया जा रहा है.
* चर्चा का विषय बना अनोखा आंदोलन
मोबाइल टावर पर चढ़कर किए गए इस प्रदर्शन ने पूरे अमरावती और बुलढाणा क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है. सोशल मीडिया पर भी घटना के वीडियो और तस्वीरें तेजी से प्रसारित हो रही हैं. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि ग्रामपंचायत से जुड़े मुद्दों को समय पर गंभीरता से लिया गया होता, तो शायद आंदोलनकारी को इतना जोखिम भरा कदम उठाने की आवश्यकता नहीं पड़ती. फिलहाल सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई और आंदोलनकारी की मांगों पर टिकी हुई हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आंदोलन का यह मामला किसी अप्रिय घटना के बिना शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो और उठाए गए मुद्दों पर निष्पक्ष जांच हो सके.





