दाभोलकर हत्याकांड में बड़ा अपडेट
मुख्य आरोपी सचिन अंदुरे को जमानत

* उम्रकैद की सजा पर रोक
मुंबई /दि.18- महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र दाभोलकर की हत्या के मामले में मंगलवार को मुंबई हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया. हाईकोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपी सचिन अंदुरे को जमानत मंजूर कर दी है. साथ ही उसे सुनाई गई उम्रकैद की सजा पर भी रोक लगा दी गई है. न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल और न्यायमूर्ति रणजीतसिंह भोसले की खंडपीठ ने यह आदेश दिया. अंदुरे ने विशेष यूएपीए अदालत के 10 मई 2024 के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी. उसने अंतिम फैसला आने तक जमानत और उम्रकैद की सजा पर रोक लगाने की मांग की थी.
अंदुरे की ओर से अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर ने दलील दी कि सीबीआई ने उसकी पहचान के लिए कोई पहचान परेड नहीं कराई थी. वहीं, कुछ गवाहों ने अदालत में उसे पहचानने का दावा किया था. बचाव पक्ष ने गवाहों के बयानों में कथित विसंगतियों का भी हवाला दिया. इस मामले में सहआरोपी शरद कलसकर को भी अप्रैल में जमानत मिल चुकी है. विशेष अदालत ने 2024 में सचिन अंदुरे और शरद कलसकर को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. वहीं, डॉ. वीरेंद्र तावडे, विक्रम भावे और संजीव पुनालेकर को अदालत ने बरी कर दिया था.
* दाभोलकर परिवार ने जमानत का किया विरोध
सचिन अंदुरे की जमानत का डॉ. दाभोलकर के परिवार की ओर से विरोध किया गया. परिवार की ओर से दलील दी गई कि अंदुरे को जमानत मिलने से समाज में गलत संदेश जा सकता है. यह भी कहा गया कि नरेंद्र दाभोलकर, गोविंद पानसरे, एम. एम. कलबुर्गी और गौरी लंकेश जैसे विचारकों की हत्याओं के पीछे उनके विचारों को दबाने की साजिश का आरोप रहा है. हाईकोर्ट के मंगलवार के आदेश के बाद अब दाभोलकर हत्याकांड में दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा के खिलाफ अंदुरे की अपील पर आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी.





