अभिजीत दीपके ने मांगा शिक्षा मंत्री भुसे का इस्तीफा

जिला परिषद शालाओं की दुरावस्था

* महायुति में खलबली
मुंबई/दि.20 : जिला परिषद शालाओं की दुरावस्था का मुद्दा उपस्थित कर कॉकरोच जनता पार्टी सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के शालेय शिक्षा मंत्री दादा भुसे के त्यागपत्र की मांग की है. दीपके ने कहा कि, शालाओं में विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाएं मयस्सर नहीं. ऐसे में दादा भुसे को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है. उनकी मांग से राज्य की महायुति सरकार में खलबली मच जाने का दावा किया जा रहा है.
अभिजीत दीपके ने नीट पेपर लीक प्रकरण के विरोध में दिल्ली में आंदोलन करने के पश्चात अपना रुख महाराष्ट्र में जिला परिषद की शालाओं की समस्याओं की ओर किया. अनेक शालाओं को दीपके ने भेंट दी. प्रत्यक्ष परिस्थिति देखी. हिंगोली जिले की एक शाला में मुख्याध्यापक की बदली की मांग न पूरी होने पर अनशन करने की चेतावनी भी दी थी.
दीपके ने कहा कि, प्रदेश में मंत्री, सांसद, विधायकों को अपने बच्चों एक दिन खराब सडकों से पैदल शाला भेजना चाहिए, तब ही उन्हें एहसास होगा कि, देहाती भागों में विद्यार्थियों को किन कठिनाईयों का रोज सामना करना पडता है. दीपके ने दावा किया कि, उनके मैदान में उतरने के पश्चात प्रशासन कुछ अंशों में काम पर लगा है. अभिजीत दीपके ने देहाती भागों में खराब सडकों, सर्पदंश के खतरे और शालाओं की अधूरी सुविधाओं का विषय उठाया. उन्होंने दावा किया कि, उजनी की शाला में सांप मिला था.
* 10 वर्षों तक क्या किया?
कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने दादा भुसे पर टारगेट करते हुए कहा कि, शालाओं में विद्यार्थियों को बैठने के लिए बेंच भी उपलब्ध नहीं है. फिर भुसे ने 10 वर्षों से पद पर रहते हुए क्या किया? उन्होंने भुसे के तत्काल त्यागपत्र की मांग कर सत्ता पक्ष के नेताओं को अपने बच्चों को सरकारी शालाओं में पढाने की चुनौती भी दी. दीपके ने देहाती भागों की शालाओं की स्थिति सुधारने आंदोलन छेडने की घोषणा की है.

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