मेडिकल बिल में कथित हेराफेरी और फर्जी हस्ताक्षर का मामला दर्ज

स्कूल के मुख्याध्यापक पर आदेश में छेडछाड करने और जाली हस्ताक्षर के आरोप

अमरावती/दि.22 – मेडिकल बिल के भुगतान से जुड़े दस्तावेजों में कथित रूप से छेड़छाड़ और फर्जी हस्ताक्षर किए जाने का मामला सामने आया है. इस प्रकरण में शिक्षणाधिकारी प्रिया देशमुख की शिकायत पर संबंधित स्कूल के मुख्याध्यापक हारुन शहा बाबा शहा के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज किया गया है.
जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता प्रिया देशमुख यह जिला परिषद की माध्यमिक शिक्षणाधिकारी के रुप में कार्यरत है. वहीं आरोपी हारुन शहा यह नांदगांव खंडेश्वर तहसील में आने वाले लोणी टाकली के अंजुमन उर्दू हाईस्कूल एवं जूनियर कॉलेज में मुख्याध्यापक के पद पर कार्यरत है. आरोपी की मां के इलाज से संबंधित 38,825 रुपये का मेडिकल बिल सहायक प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर एवं मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया गया था. बिल की जांच के दौरान उसमें व्हाइटनर लगाकर कथित रूप से बदलाव किए जाने की बात सामने आई. साथ ही, शिकायतकर्ता के नाम से किए गए हस्ताक्षर को भी डुप्लीकेट बताए जाने की जानकारी मिली. यह बिल भुगतान विभाग में जमा किया गया था. बिल को सत्यापन के लिए भेजे जाने पर संबंधित मूल आदेश में भी कथित रूप से छेड़छाड़ किए जाने की बात सामने आई.
* स्कूल और मुख्याध्यापक का नाम बदला
जांच के दौरान आरोपी से शिक्षा अधिकारी के कथित फर्जी हस्ताक्षर और आदेश में किए गए बदलाव के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया. इस पर आरोपी हारुन शहा ने कथित तौर पर बताया कि आदेश में स्कूल और मुख्याध्यापक का नाम गलत था. संशोधित प्रस्ताव भेजने में देरी होने की आशंका के चलते उसने आदेश में स्कूल और मुख्याध्यापक का नाम स्वयं सही किया था, क्योंकि आदेश किसी दूसरे स्कूल से संबंधित था. आरोपी ने इस संबंध में शिकायतकर्ता से माफी मांगने की बात भी सामने आई है. हालांकि, दस्तावेजों में की गई कथित हेराफेरी और हस्ताक्षर के मामले को गंभीर मानते हुए शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब संबंधित मेडिकल बिल, मूल आदेश, संशोधित दस्तावेज और हस्ताक्षरों की जांच के आधार पर मामले की वास्तविकता स्पष्ट करने में जुटी है.

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