यह 56 प्रतिशत कमीशन की सरकार
पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर का सरकार पर हमला

* डफरीन अस्पताल पहुंचकर किया निरीक्षण
* वेंटिलेटर विस्फोट, फायर ऑडिट और सुरक्षा व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच की मांग
अमरावती/दि.24- अमरावती के जिला स्त्री अस्पताल यानी डफरीन अस्पताल के नवजात शिशु अतिदक्षता विभाग (एनआयसीयू) में सोमवार तड़के लगी भीषण आग में तीन नवजात बच्चों की मौत के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं. कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर ने अस्पताल पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने इस घटना के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यह 56 प्रतिशत कमीशन की सरकार है और स्वास्थ्य सेवाओं की मूलभूत समस्याओं की ओर उसका ध्यान नहीं है.
* घटनास्थल पर पहुंचकर ली जानकारी
सोमवार सुबह पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर ने डफरीन अस्पताल पहुंचकर अस्पताल प्रशासन और अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. उन्होंने एनआयसीयू विभाग का निरीक्षण किया तथा आग लगने के कारणों, बचाव कार्यों और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वेंटिलेटर में विस्फोट के बाद आग लगने की बात सामने आ रही है, लेकिन इसकी गहन और निष्पक्ष जांच आवश्यक है.
* वेंटिलेटर में खराबी थी या विद्युत व्यवस्था में दोष?
पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर ने कहा कि जांच का दायरा केवल आग लगने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि वेंटिलेटर में तकनीकी खराबी थी या विद्युत कनेक्शन में कोई समस्या थी. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उपकरण में कोई दोष था तो उसकी समय पर जांच क्यों नहीं हुई? संबंधित उपकरण किस कंपनी द्वारा उपलब्ध कराया गया था? उसकी गुणवत्ता और रखरखाव की क्या स्थिति थी? इन सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए.
* सरकार पर लगाया कमीशन का आरोप
पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार स्वास्थ्य और जनहित के मुद्दों की बजाय अन्य बातों में अधिक व्यस्त दिखाई देती है. उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों और आम नागरिकों की आवश्यकताओं की उपेक्षा की जा रही है. उन्होंने कहा कि जिला स्त्री अस्पताल जैसे संस्थानों में मुख्य रूप से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार उपचार के लिए आते हैं. ऐसे अस्पतालों की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो रहा है.
* सीएम फडणवीस पर अप्रत्यक्ष निशाना
पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का नाम लिए बिना कहा कि जो लोग स्वयं को इन्फ्रा मैन कहते हैं, उन्हें केवल बड़े प्रकल्पों और उद्घाटनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अस्पतालों, स्वास्थ्य सेवाओं और गरीबों की मूलभूत जरूरतों की ओर भी ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, मरीजों के लिए पर्याप्त सुविधाओं का अभाव और आधारभूत व्यवस्थाओं की समस्याएं लगातार बनी हुई हैं. इसके बावजूद इन मुद्दों के समाधान के लिए अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही.
* नई इमारत और पुराने सवाल
पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर ने कहा कि डफरीन अस्पताल की नई इमारत को महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल में मंजूरी मिली थी. उन्होंने दावा किया कि उस समय अस्पताल के आधुनिकीकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम शुरू किया गया था. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल उद्घाटन कार्यक्रमों पर अधिक ध्यान दिया जाता है, जबकि सुरक्षा और रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को पर्याप्त महत्व नहीं मिलता.





