सरकारी अस्पतालों में अब मिलेगा घर जैसा खाना
महिला बचत गट को मिलेगा ठेका

* 200 से कम बेड वाले अस्पतालों में भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी स्थानीय बचत गटों को देने की तैयारी
अमरावती/दि.25– राज्य के 200 से कम बेड वाले जिला अस्पतालों, उपजिला अस्पतालों और ग्रामीण अस्पतालों में मरीजों के लिए भोजन व्यवस्था अब स्थानीय महिला बचत गट के हाथों में देने का रास्ता साफ हो गया है. इस पहल का उद्देश्य मरीजों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार और आर्थिक मजबूती देना है. भोजन की गुणवत्ता या व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर जुर्माने से लेकर अनुबंध रद्द करने तक का प्रावधान किया गया है.
* कौन से बचत गट होंगे पात्र?
इस योजना के लिए महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘उमेद’ या ‘माविम’ के तहत पंजीकृत महिला बचत गट पात्र होंगे. समूह के पास खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण होना अनिवार्य रहेगा. खाना बनाने और कैटरिंग का अनुभव रखने वाले स्थानीय समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी. साथ ही संबंधित अस्पताल के आसपास के क्षेत्र में सक्रिय समूहों को प्राथमिकता देने का प्रावधान है.
* 100 अंकों पर होगा समूहों का चयन
महिला बचत गट का चयन 100 अंकों के आधार पर किया जाएगा. इसमें अनुभव और पिछला कार्य रिकॉर्ड – 25 अंक, वित्तीय टर्नओवर एवं बैंकिंग लेन-देन – 20 अंक, स्वच्छता, रसोई उपकरण एवं प्रबंधन क्षमता – 25 अंक, एफएसएसएआई पंजीकरण एवं स्थानीय निवास – 15 अंक, साक्षात्कार एवं प्रस्तुतीकरण – 15 अंक, इस तरह चयन प्रक्रिया में अनुभव, आर्थिक क्षमता, स्वच्छता और भोजन तैयार करने की व्यवस्था को विशेष महत्व दिया जाएगा.
* प्रत्येक मरीज के भोजन के लिए 191.40 रुपये
चयनित महिला बचत गट को प्रत्येक मरीज के लिए प्रतिदिन 191.40 रुपये दिए जाएंगे. इस राशि में सुबह की चाय-नाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम की चाय तथा रात का भोजन शामिल रहेगा. मरीज की बीमारी के अनुसार भोजन में भी बदलाव करना होगा. मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए संबंधित मेडिकल ऑफिसर के निर्देशानुसार डाइट प्लान तैयार करना अनिवार्य रहेगा.
* सीएस या तहसील चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आवेदन
इच्छुक महिला स्वयं सहायता समूहों को संबंधित जिला शल्य चिकित्सक (सिविल सर्जन) अथवा तहसील चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में आवेदन जमा करना होगा. आवेदन के साथ समूह का पंजीकरण प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक की प्रति, एफएसएसएआई पंजीकरण प्रमाणपत्र तथा अनुभव प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा.
* समय पर भोजन नहीं देने पर 500 रुपये जुर्माना
मरीजों को निर्धारित समय पर भोजन उपलब्ध नहीं कराने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. भोजन उचित मात्रा या निर्धारित व्यवस्था के अनुसार उपलब्ध नहीं कराने पर 290 रुपये का जुर्माना होगा. वहीं खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने या घटिया गुणवत्ता का भोजन देने पर 1,000 से 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. बार-बार शिकायत मिलने पर संबंधित समूह का अनुबंध रद्द करने के साथ ही जमा राशि भी जब्त की जा सकती है.
* बचत गट को रोजगार, मरीजों को पौष्टिक भोजन
इस पहल से एक ओर अस्पताल में भर्ती मरीजों को स्वच्छ, पौष्टिक और घर जैसा भोजन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय महिला बचत गट के लिए रोजगार का अवसर पैदा होगा. प्रशासन ने भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने के संकेत दिए हैं. डॉ. रंजन वानखड़े, वरिष्ठ जिला समन्वय अधिकारी ने बताया कि योजना का उद्देश्य मरीजों को बेहतर भोजन उपलब्ध कराने के साथ महिला बचत गट को आर्थिक रूप से मजबूत करना है. नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.





