एआई को सिखाने कैमरा सिर पर बांधकर सब्जियां काट रहे

फ्री लांसिंग का मेहनताना 230 रुपए प्रति घंटा

चेन्नई /दि.25– देश के कई शहरों में युवा एआई को सिखाने का काम कर रहे है. तमिलनाडू के शहर करुर में युवा कॉम्प्युटर स्क्रिन पर घंटों बैठकर एआई के लिए डेटा तैयार करते है. कुछ लोग घर पर अपने सिर या बॉडी पर आईफोन बांधकर सब्जियां काटते, बिस्तर लगाते और रोजमर्रा के काम करते हुए वीडियो रिकॉर्ड करते है.
इन वीडियो से एआई और ह्यूमनॉइड रोबोर्ट्स को इंसानों के काम समझाने और बेहतर ढंग से करने की ट्रेनिंग दी जाती है. इसे डेटा एनोटेशन कहा जाता है. कई सेक्टर में एआई लोगों की जॉब छिन रहा है. लेकिन फिलहाल एआई को सिखाने के लिए लोगों की डिमांड है. करुर की ऐसी ही एक कंपनी में करीब 2,600 लोग काम करते हैैं और सिर्फ पिछले महिने कंपनी ने 300 नए लोगों को नौकरी दी. हालांकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये नौकरियां लंबे समय तक नहीं रहेगी. एक बार एआई का काम सिख जाएगा, तो ये नौकरियां खत्म हो जाएगी. इनमें सैलरी भी बहुत ज्यादा नहीं है. स्किल्ड एंट्री लेवल कर्मचारी को 18 से 23 हजार रुपए महिना मिलते है. वहीं घरों से फ्री लांस वीडियो रिकॉर्डिंग करनेवालों उपयोगी फुटेज के करीब 230 रुपए प्रति घंटे मिलते है.

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