विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ उनके टिफिन भी जांचें

जंक फूड पर रोक की जिम्मेदारी प्राचार्यों की

* स्कूल परिसर और आसपास 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की बिक्री पर प्रतिबंध
अमरावती/दि.25– स्कूलों और उनके परिसर में जंक फूड की बिक्री पर रोक लगाने की जिम्मेदारी अब प्राचार्यों की होगी. विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ उनके टिफिन की भी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने स्कूलों में विद्यार्थियों को सुरक्षित भोजन और संतुलित आहार उपलब्ध कराने के लिए यह पहल की है.

* स्कूल परिसर में जंक फूड की बिक्री पर प्रतिबंध
खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, स्कूलों और स्कूल परिसर के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है. विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल प्रबंधन को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी दी गई है. प्राचार्यों को स्कूल में आने वाले विद्यार्थियों के टिफिन की भी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. विद्यार्थियों को पौष्टिक और संतुलित भोजन लेने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही जंक फूड से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करने को कहा गया है.

* मिलावट के खिलाफ भी अभियान
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद तुकाराम मुंढे ने खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ अभियान तेज किया है. दूध, खाद्य पदार्थों और खाद्य तेल में मिलावट की जांच के साथ ही खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने पर जोर दिया जा रहा है. स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को सुरक्षित भोजन तथा संतुलित आहार मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए अलग से आदेश जारी किया गया है. इसी के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा स्कूलों के प्राचार्यों के साथ बैठकें आयोजित कर आदेश और उसके प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है.

* प्राचार्यों पर रहेगी जिम्मेदारी
स्कूल परिसर में जंक फूड की बिक्री न हो, विद्यार्थी अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थ स्कूल में न लाएं और उन्हें संतुलित आहार मिले, इसकी निगरानी में प्राचार्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. प्रशासन का उद्देश्य केवल जंक फूड पर प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में स्वस्थ खान-पान की आदत विकसित करना भी है.

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