तीन दशक बाद फिर जीवंत होती श्री जगन्नाथ मंदिर की झांकियां
पुष्करणा फाऊंडेशन और रंगारी गली मित्र मंडल की पहल

अमरावती/दि.25- झांकियों के माध्यम से धार्मिक कथाओं को केवल पढ़ने-सुनने तक सीमित न रखते हुए उन्हें जीवंत रूप में नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत किया जाता है. जो प्रायः लुप्त सी हो गई है, उसी को पुनः शुरू करके विशेषकर बच्चों युवाओं में धार्मिक सामाजिक रुचि बढ़ाना मुख्य उद्देश है.
इसी परंपरा को पुनर्जीवित करने की दिशा में अमरावती के श्री जगन्नाथ मंदिर में लगभग 30 वर्ष पूर्व आयोजित की जाने वाली सजीव धार्मिक झांकियों की शुरुआत गत वर्ष पुष्करणा फाऊंडेशन के अध्यक्ष प्रमोद पुरोहित, शशि व्यास, अनिल पुरोहित उर्फ अन्ना, सतीश पुरोहित, संजय छंगाणी, पं. विक्रम व्यास प्रकाश पनिया, कमल पनिया, मनोज कल्ला, राजगोपाल आचार्य, मुकेश छंगाणी, पवन धनराज जी छंगाणी, गिरिराज पुरोहित, राजेश छंगाणी, मनीष बोहरा, मुकेश छंगाणी आर्वी वाले,साथ ही कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलनेवाले रंगारी गली मित्र मंडल के श्याम टोंपे, तरुण शर्मा, पवन पितलिया, नीलेश व्यास, घनश्याम वर्मा, शरद माहुलकर, पं. योगेश जोशी, राजूभाई पटेल, जगदीश गोयनका उर्फ कालू भाया, श्याम सुंदर काटनकर,नाचनकरजी, मयूर सरबेरे, राकेश रेड्डी, ऋषिकेश, रवि छंगाणी, संजय गुप्ता, उन्होंने मिलकर पुनः शुरू करने का निर्णय लिया गया है. लंबे अंतराल के बाद मंदिर परिसर में झांकियां साकार होने से श्रद्धालुओं में उत्साह का वातावरण बना है.
बच्चों और युवाओं की होगी सक्रिय भागीदारी के साथ 15 अगस्त से झांकियों की शुरुआत हुई जिसमें भारत माता की मनोहर झांकी वंशिका पितलिया ने साकार की, 16 को राजस्थान के भगवान श्री रामदेव जी बाबा बने अक्षद पुरोहित, 17 को रामेश्वरम लींग स्थापना की झांकी में राम बने राजवर्धन पुरोहित, लक्ष्मण रोनित आचार्य, सीता माता बनी हर्षिता पुरोहित, हनुमान बने राधेश आचार्य, 18 को गणेश जी की झांकी हर्ष बाटविया और रिद्धि सिद्धि बनी किंजल छंगाणी, संग वाणी शर्मा, 19 को मीरा बाई सिया सरबरे और रिषांत लड्डू सरबरे, 20 को अक्षर पुरोहित ने शेगाव के गजानन महाराज साथ बैंकट सेठ कमल पनिया सेठानी किरण पनिया बनी, 21 तिरुपति बालाजी की झांकी अक्षद पुरोहित ने, 22 को भगवान परशुराम जी की झांकी सतीश पुरोहित ने साकार की, 23 को राधा कृष्ण जी को नौका विहार कराई गई, 24 को भोलेनाथ महादेव बने प्रकाश पनिया, और आगामी झाकियों में नव दुर्गा, श्याम दरबार, दशानन रावण शिव पूजा करते हुए , साथ राधा कृष्ण आदि झांकियां का आयोजन किया और आगे मानस है इन झांकियों में तारा छंगाणी, ज्योति छंगाणी, राधिका व्यास, प्रीति पुरोहित, निशा पुरोहित, खुशबू छंगाणी, ज्योति बोहरा, कीर्ति आचार्य, शोभा कल्ला, शारदा पनिया, श्रुति पुरोहित, अंजली छंगाणी, जमना छंगाणी, किरण पुरोहित, रुचिका पनिया, अंजुबाला छंगाणी, किरण छंगाणी, तुलसी छंगाणी, सरोज छंगाणी, महिमा पुरोहित, पूजा छंगाणी, गायत्री व्यास, वंदना व्यास, सुनीता व्यास, अनीता व्यास, भारती छंगाणी, श्वेता छंगाणी, रेखा जोशी, पुष्पा छंगाणी, प्रीति छंगाणी उमा व्यास, हिना बाटविया, रेखा पुरोहित, वीणा छंगाणी, मनोरमा छंगाणी, मोहिनी खंडेलवाल, चिरानियाँ, किरण गोयनका, साथ ही पुरुषों में दर्शन पनिया, अनिल छंगाणी, कल्पेश छंगाणी, अशोक जोशी, शुभम पुरोहित, जवाहर व्यास, महेंद्र छंगाणी, आदित्य व्यास, अमृत काका टोंपे, विक्रम व्यास, चिन्मय पुरोहित, कृष्णा पुरोहित, कुश कल्ला, अनुज पुरोहित, योगेश व्यास, शंकर छंगाणी, मुकुंद सोनी, लड्ढा जी, गोविंद रामावत, उदय छंगाणी, ललित छंगाणी, श्याम टोंपे, माधव छंगाणी, पृथ्वीराज छंगाणी, शिवाय बोहरा, विकी पनिया आदि समर्पित रूप से झांकियों में अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं.





