बिजली के तार की चपेट में आने से गर्भवती भैंस की मौत

एक लाख रुपये का नुकसान, आठ दिन में दूसरी भैंस की मौत से पशुपालक परिवार पर संकट

अमरावती /दि.25- तिवसा तहसील के तलेगांव ठाकुर क्षेत्र में रविवार दोपहर बिजली के तार की चपेट में आने से एक गर्भवती भैंस की मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना में पशुपालक सहदेव पारधी को करीब एक लाख रुपये का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है. खास बात यह है कि आठ दिन के भीतर पारधी परिवार की यह दूसरी भैंस है, जिसकी मौत हुई है.
जानकारी के मुताबिक रविवार 23 अगस्त को दोपहर करीब 2.30 बजे तलेगांव ठाकुर स्थित अपर वर्धा नहर के बंजर क्षेत्र में भैंसें चर रही थीं. इसी दौरान सहदेव पारधी की करीब दो माह की गर्भवती भैंस जमीन पर गिरे बिजली के तार के संपर्क में आ गई. करंट लगते ही वह मौके पर गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई.

* चरवाहे को घटना की मिली जानकारी
बताया जाता है कि विकेश निमावत क्षेत्र में भैंसें चराने गए थे. उनके साथ सहदेव पारधी की भैंसें भी चर रही थीं. अचानक भैंस के करंट की चपेट में आने के बाद अन्य भैंसों ने जोर-जोर से आवाज करना शुरू किया. इससे विकेश को घटना का पता चला. उन्होंने तत्काल सहदेव पारधी को सूचना दी. घटना की जानकारी मिलने के बाद मोजरी स्थित महावितरण के संबंधित कर्मचारियों को सूचित किया गया. इसके बाद तलाठी तथा तिवसा पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया.

* बिजली व्यवस्था की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटनास्थल पर अर्थिंग का तार लपेटकर रखा हुआ होने की जानकारी सामने आई है. इसके चलते बिजली के तारों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय नागरिकों और पशुपालकों में महावितरण की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है.

* आठ दिन पहले बीमारी से मरी थी दूसरी भैंस
सहदेव पारधी के परिवार पर यह लगातार दूसरा संकट है. करीब आठ दिन पहले ही उनकी एक अन्य भैंस की बीमारी के कारण मौत हो गई थी. अब गर्भवती और दूध देने वाली भैंस की करंट लगने से मौत होने के कारण परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. स्थानीय पशुपालकों और नागरिकों ने महावितरण से क्षेत्र में बिजली के तारों की तत्काल जांच कराने, खतरनाक स्थिति में पड़े तारों को सुरक्षित करने तथा मृत गर्भवती भैंस के नुकसान के लिए सहदेव पारधी को उचित मुआवजा देने की मांग की है.

Back to top button