डफरीन अग्निकांड की जांच तेज: स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. संजय काटकर अमरावती पहुंचे

आज नहीं कर सके अस्पताल का निरीक्षण, जिलाधिकारी कार्यालय में दिनभर डेरा

* प्रहार संगठन का ज्ञापन किया स्वीकार, कल एनआईसीयू और घटनास्थल का करेंगे मुआयना
अमरावती/दि.26 – डफरीन अस्पताल के नवजात शिशु अतिदक्षता कक्ष (एनआईसीयू) में हुए भीषण अग्निकांड की जांच के लिए गठित सात सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष तथा राज्य के स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. संजय काटकर मंगलवार को अमरावती पहुंचे. हालांकि दिनभर अस्पताल परिसर में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की आवाजाही बनी रहने के कारण वे डफरीन अस्पताल का प्रत्यक्ष दौरा नहीं कर सके और उन्होंने अपना अधिकांश समय जिलाधिकारी कार्यालय में ही बिताया.
गौरतलब है कि डफरीन अस्पताल के एनआईसीयू कक्ष में लगी आग में तीन नवजात शिशुओं की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. संजय काटकर की अध्यक्षता में सात सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है, जिसे घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है.
* दिनभर जिलाधिकारी कार्यालय में बैठकों का दौर
अमरावती पहुंचने के बाद डॉ. काटकर सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से प्रारंभिक जानकारी ली. दिनभर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकों का सिलसिला चलता रहा. समिति ने घटना से संबंधित दस्तावेज, अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, विद्युत प्रणाली, फायर ऑडिट रिपोर्ट तथा एनआईसीयू में उपयोग किए जा रहे उपकरणों की जानकारी एकत्रित की. सूत्रों के अनुसार, समिति अस्पताल प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, सार्वजनिक बांधकाम विभाग, विद्युत विभाग और संबंधित तकनीकी एजेंसियों से भी अलग-अलग जानकारी जुटा रही है, ताकि घटना की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके.
* प्रहार संगठन ने सौंपा ज्ञापन
जिलाधिकारी कार्यालय में मौजूद रहने के दौरान स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. काटकर ने प्रहार संगठन के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की. संगठन की ओर से उन्हें एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें अग्निकांड की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा तथा राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों का सुरक्षा एवं फायर ऑडिट कराने की मांग की गई. डॉ. काटकर ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए जांच प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ किए जाने का भरोसा दिलाया.
* नेताओं के लगातार दौरों के कारण टला निरीक्षण
आज डफरीन अस्पताल में दिनभर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों का तांता लगा रहा. भाजपा, कांग्रेस, शिंदे सेना, सेना उबाठा व प्रहार संगठन सहित अनेक दलों के नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली. लगातार चल रहे दौरों और सुरक्षा व्यवस्था के कारण स्वास्थ्य आयुक्त का प्रस्तावित निरीक्षण स्थगित करना पड़ा.
* कल होगा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. काटकर बुधवार सुबह डफरीन अस्पताल पहुंचकर अग्निकांड से प्रभावित एनआईसीयू कक्ष का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे. इस दौरान वे जले हुए वार्ड, विद्युत व्यवस्था, वेंटिलेटर तथा अन्य चिकित्सा उपकरणों की स्थिति का जायजा लेंगे. समिति के सदस्य तकनीकी विशेषज्ञों के साथ घटनास्थल का सूक्ष्म परीक्षण करेंगे और अस्पताल प्रशासन से विस्तृत जानकारी भी लेंगे.
* पूरे राज्य की नजर जांच रिपोर्ट पर
डफरीन अग्निकांड के बाद राज्यभर में सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. विपक्षी दलों ने घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक कार्रवाई की मांग की है, जबकि सरकार ने दोषियों को बख्शा नहीं जाने का आश्वासन दिया है. ऐसे में स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. संजय काटकर की अध्यक्षता वाली समिति की जांच रिपोर्ट को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच समिति आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा कब करती है और इस हृदयविदारक हादसे के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों एवं संस्थाओं के खिलाफ क्या कार्रवाई की सिफारिश करती है.

Back to top button