आपके बावनकुले जी राजस्थान में गोलगप्पे खा रहे, उन्हें बच्चों की मौत का दुख नहीं
आधी अमरावती मर जाए, पालकमंत्री नहीं आएंगे

* शिवसेना नेत्री सुषमा अंधारे जमकर बिफरी
* बावनकुले कर रहे मुख्यमंत्री बनने के जुगाड का भी दावा
* नवनीत राणा के हनुमान गढी को 121 करोड मंजूर
* डफरीन जिला स्त्री अस्पताल को मांगने पर भी नहीं दिए गए 9 करोड
* गरीबों के बच्चे भगवान भरोसे, अधिकारी नहीं तो राजनेताओं पर मढा दोष
अमरावती/दि.26 – जिला स्त्री अस्पताल डफरीन में सोमवार को भीषण दुर्घटना हुई. इसके बावजूद आज तीन दिन हो रहे है और पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले राजस्थान में घूम रहे हैं. गोलगप्पे खा रहे है, रील बना रहे हैं. उन्हें अमरावती आने की फुर्सत नहीं. यहां नवजात बच्चे जिनका अभी नाम भी नहीं रखा गया, वेंटिलेटर विस्फोट में जान गंवा बैठे. अनेक परिवार दुख में डूबे है, जबकि मुख्यमंत्री यहां आने की बजाए पालकमंत्री ने भी अब तक झांककर नहीं देखा है, यह बात काफी ठेस पहुंचा गई है, इन शब्दों में शिवसेना उबाठा नेत्री सुषमा अंधारे ने राज्य महायुति सरकार के मंत्रियों पर धावा बोला. उन्होंने कहा कि, प्रदेश के शासनकर्ताओं की संवेदना मर चुकी है. उन्हें केवल अपनी कुर्सी बचाने की चिंता है. अंधारे ने कहा कि, वे एक मां है. मां को कितनी वेदना होती है, यह समझ सकती है.
* राणा और सीएम को लपेटा
अमरावती में जिला स्त्री अस्पताल के सुधार, उपकरणों हेतु जिला शल्य चिकित्सक डॉ. विनोद पवार द्वारा डीपीडीसी से 9 करोड का फंड मांगा गया था. उसके बावजूद यह फंड अब तक नहीं दिया गया. जिसके कारण डफरीन अस्पताल का केवल दो वेंटिलेटर पर काम चल रहा है. गरीबों के बच्चों को भगवान भरोसे छोड दिया गया है. दूसरी ओर विधायक रवि राणा के हनुमान गढी के लिए सीएम फडणवीस ने 121 करोड रुपए विकास निधि आवंटित कर दिया, यह भयंकर आरोप आज दोपहर शिवसेना उबाठा नेता सुषमा अंधारे ने किया. वे जिला स्त्री अस्पताल में सोमवार तडके हुए वेंटिलेटर विस्फोट में तीन नवजात की मृत्यु पश्चात अपने दल के दो विधायकों नितिन बापू देशमुख और गजानन लवटे के साथ मौके का अवलोकन करने पश्चात मीडिया से बात कर रही थी. अंधारे ने इस समय मुख्यमंत्री से लेकर पालकमंत्री और प्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. काटकर को भी लपेटा. उनका रोष राजनेताओं पर अधिक और अफसरान पर कम रहा. उन्होंने हालांकि स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. काटकर द्वारा विधानसभा के दो सदस्यों नितिन देशमुख और गजानन लवटे के कथित अपमान को लेकर सदन में विषय उपस्थित करने की जरुर बात कही. नवनीत राणा के साथ ही अंधारे ने शिवसेना शिंदे नेता, विधायक बच्चू कडू को भी लपेटा. बच्चू कडू के विषय में वे बोली कि, बच्चूभाऊ म्युट हो गए हैं. अपने ही दल के नेता और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री का बचाव करना ही कडू के लिए जरुरी हो गया है. उन्होंने उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री रहते भंडारा में ऐसी ही घटना पर तत्काल वहां पहुंचकर 4 अधिकारियों को डिसमिस करने और प्रत्यक्ष अवलोकन किए जाने का स्मरण करवाया. वर्तमान सीएम तो क्या पालकमंत्री भी नहीं पहुंचे है, ऐसा आरोप किया.
* सीएम और बावनकुले निशाने पर
सुषमा अंधारे ने दावा किया कि, जिला अस्पताल के सीएस डॉ. विनोद पवार ने डफरीन अस्पताल के फायर ऑडिट, वेंटिलेटर ऑडिट के संदर्भ में लोकनिर्माण विभाग से पत्राचार किया था. उन्हें फायर ऑडिट की समय-सीमा पूर्ण हो जाने के बारे में जानकारी दे दी थी. शिवसेना उबाठा नेत्री ने दावा किया कि, सीएस द्वारा डीपीसी से डफरीन की हालत सुधार हेतु मांगे गए 9 करोड के फंड को पालकमंत्री ने मंजूरी नहीं दी, जारी नहीं किया. अंधारे ने पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की काफी लानत-मलानत की. उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी लपेटा. अपनी शैली में सुषमा अंधारे महायुति के नेताओं पर टूट पडी.
* 6 माह से वित्त मंत्री हैं फडणवीस
सुषमा अंधारे ने उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के गत 28 जनवरी के हादसे के बाद से वित्त विभाग का कामकाज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास है. सीएम ने भी अमरावती के लिए फंड उपलब्ध नहीं करवाया है. अमरावती में जिला स्त्री अस्पताल के बच्चों को रामभरोसे छोड दिया गया है. अंधारे ने कहा कि, एक ही कंपनी के वेंटिलेटर खरीदी पर अधिकारियों के आक्षेप के बावजूद राजनेताओं ने जोर दिया. जिससे उन्हें स्पष्ट रुप से कमिशनखोरी की बू आ रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि, संबंधित कंपनी का मुख्यालय भी नागपुर में है.
* बावनकुले भावी मुख्यमंत्री
शिवसेना उबाठा नेता अंधारे ने पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को खास टारगेट किया. घटना को तीन दिन बीत जाने पर भी पालकमंत्री अब तक नहीं पहुंचे हैं. पालकमंत्री के राजस्थान में सैरसपाटा करने और पानीपुरी अर्थात गोलगप्पे खाने में व्यस्त रहने के साथ ही एक बडा क्लेम किया. उन्होंने दावा किया कि, चंद्रशेखर बावनकुले राज्य के मुख्यमंत्री पद को हथियाने की कोशिश में है. इंतजार कर रहे है कि, कब देवेंद्र फडणवीस दिल्ली जाए और बावनकुले सीएम बने. अंधारे ने आरोप किया कि, बावनकुले सेहरा बांधकर बैठे हैैं. अमरावती के पालकमंत्री बावनकुले अपनी जिम्मेदारी छोडकर केवल सीएम बनने की जुगत में है. अंधारे ने बार-बार बावनकुले को भावी मुख्यमंत्री कहा. उन्होंने बावनकुले के राजस्थान दौरे में पानीपुरी चखने की रील भी पत्रकारों को दिखलाई.
* चाहे आधी अमरावती खत्म हो जाए
सुषमा अंधारे ने अपनी शैली में तगडे आरोप सत्ताधीशों पर किए. अंधारे ने आरोप लगाया कि, अमरावती में तीन नवजात की जान जाने के बाद भी अब तक पालकमंत्री के दर्शन नहीं हुए हैैं. अंधारे ने आरोप लगाया कि, चाहे आधी अमरावती खत्म हो जाए, पालकमंत्री बावनकुले नहीं आएंगे. उन्होंने शिवसेना शिंदे गट के नेता बच्चू कडू को भी लपेटा.
* बच्चू कडू हुए शांत, कर रहे बचाव
नवनीत राणा के साथ ही अंधारे ने शिवसेना शिंदे नेता, विधायक बच्चू कडू को भी लपेटा. बच्चू कडू के विषय में वे बोली कि, बच्चूभाऊ म्युट हो गए हैं. अपने ही दल के नेता और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री का बचाव करना ही कडू के लिए जरुरी हो गया है. उल्लेखनीय है कि, स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने घटना के दिन ही अमरावती आकर जरुरी निर्देश प्रशासन को दिए थे. उसी प्रकार वे शिवसेना शिंदे गट को बिलांग करते हैं. अत: अमरावती जिले के विधायक बच्चू कडू अब शांत हो गए हैं और इतनी बडी घटना के बावजूद कुछ नहीं बोल रहे. अपने दल के मंत्री का बचाव कर रहे.
* काटकर पहुंचे राणा के यहां जलपान हेतु
सुषमा अंधारे ने प्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. काटकर के उनके डफरीन परिसर में रहते नहीं फटकने का आरोप किया. दो विधायकों का आयुक्त काटकर ने अपमान करने का आरोप कर दावा किया कि, काटकर यहां सत्ता पक्ष के नेता नवनीत राणा और रवि राणा के यहां जलपान में बिझी होंगे. अब वे डफरीन से बाहर आ गई है, तो अब काटकर वहां पहुंचेंगे. उन्होंने कमिशनखोरी की बंदरबांट का आरोप किया.
* याद दिलाया उद्धव ठाकरे का एक्शन
सुषमा अंधारे ने अपने लीडर उद्धव ठाकरे के महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहते चार साल पहले भंडारा में ऐसी घटना होने पर तत्काल वहां पहुंचने का स्मरण करवाया. उन्होंने बताया कि, 9 मई 2021 की भंडारा अस्पताल की वह दुर्घटना थी. जिसमें 10-12 बच्चों की जाने चली गई थी. तत्कालीन सीएम ठाकरे ने तुरंत वहां पहुंचकर एक्शन लिया था. चार अफसर मुअत्तल किए गए थे. अस्पताल में जरुरी उपकरण और सुविधाएं भी दी गई थी. अंधारे ने कहा कि, क्या अब बीजेपी और महायुति नेताओं की उनकी पार्टी शिवसेना उबाठा प्रशिक्षण कक्षाएं लें.